Noida/Amethi: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत पुलिस को दो अलग-अलग जिलों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर इलाके में इमरान हत्याकांड के दो फरार आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। वहीं दूसरी ओर, अमेठी जिले में पुलिस और अंतर्जनपदीय चोरों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर चोर घायल हो गया, जबकि उसके भाई को भी दबोच लिया गया।
जेवर में इमरान हत्याकांड के आरोपी ढेर
पहला मामला गौतमबुद्ध नगर के जेवर थाना क्षेत्र का है, जहां झांझर रोड स्थित पावर हाउस के पास पुलिस नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में आ रहे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शेरू उर्फ शेर मोहम्मद और मौसीम नामक बदमाशों के पैर में गोली लग गई। ये दोनों बदमाश सात अक्टूबर की रात इमरान की गोली मारकर हत्या करने के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल, पांच कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। घायल बदमाशों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
अमेठी में ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत कार्रवाई
दूसरा मामला अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र का है। यहां कुकहा रामपुर गांव के पास पुलिस और अंतर्जनपदीय चोरों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वकील उर्फ सेनापति के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके भाई चांद को भी पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इन दोनों भाइयों ने करीब पंद्रह दिन पहले शिवरतनगंज क्षेत्र के चार अलग-अलग घरों में बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपी वकील का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, और उसके खिलाफ अमेठी, बाराबंकी तथा अयोध्या के विभिन्न थानों में चोरी व अन्य संगीन मामलों के कुल बत्तीस मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से एक तमंचा, जिंदा कारतूस, चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और एक स्प्लेंडर बाइक बरामद की है।
यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत स्वाट टीम, बाजार शुकुल और इन्हौना थाने की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्नीस और बीस अक्टूबर की दरमियानी रात हुई चोरियों के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पाँच विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिनकी मुस्तैदी से यह सफलता मिली है।







