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RJD बोली- ऐसी जीत संभव नहीं! NDA पर बड़ा सवाल

Bihar News: बिहार चुनाव तो खत्म हो गया, लेकिन उसके बाद शुरू हुआ सवालों का दौर थम नहीं रहा। राजद को मिली करारी हार ने पार्टी के शीर्ष नेताओं को माथापच्ची में डाल दिया है। पटना में हुई समीक्षा बैठक में माहौल काफी भारी था।

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Bihar News: बिहार चुनाव तो खत्म हो गया, लेकिन उसके बाद शुरू हुआ सवालों का दौर थम नहीं रहा। राजद को मिली करारी हार ने पार्टी के शीर्ष नेताओं को माथापच्ची में डाल दिया है। पटना में हुई समीक्षा बैठक में माहौल काफी भारी था। बैठक में लालू प्रसाद यादव से लेकर तेजस्वी यादव तक सभी मौजूद थे, और हारे हुए उम्मीदवारों की बातें सुनकर साफ दिख रहा था कि पार्टी अभी भी नतीजों को सहजता से नहीं ले पा रही।

RJD नेताओं के आरोप—65 सीटों की लिस्ट पहले से तय थी

बैठक के बाद परबत्ता के पूर्व विधायक संजीव कुमार सबसे ज्यादा मुखर दिखे। उन्होंने कहा कि नतीजे “स्वाभाविक” नहीं लगते। उनका दावा है कि “बिना किसी तरह की हेराफेरी के NDA की इतनी भारी जीत होना मुमकिन ही नहीं।”

उनका कहना था कि चुनाव से पहले ही 65 सीटों की एक सूची तैयार की गई थी—और उसी सूची की सीटों पर NDA का क्लीन स्वीप दिखा। संजीव ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद वह सूची एक अधिकारी के पास देखी थी।
उनका तर्क था—“अगर नीतीश कुमार का विकास ही जीत का कारण था, तो पिछले सालों में ऐसा रिजल्ट क्यों नहीं मिला? मैंने भी अपने क्षेत्र में काम किया, फिर भी हार गया।”

RJD नेताओं ने वोटों के मार्जिन पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई उम्मीदवार 50 हजार वोट से जीत सकते थे, लेकिन नतीजों में वो सिर्फ 10–11 हजार से ही जीत पाए।
एक और बड़ा दावा— राजद का कुल वोट शेयर लगभग 1.8 करोड़ रहा, जो दिखाता है कि जनता का समर्थन कम नहीं था।

मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि “डाक मतपत्रों की गिनती तक RJD आगे थी। जैसे ही EVM खुली, खेल पलट गया।”
उनके मुताबिक चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए, वरना लोकतंत्र पर भरोसा कमजोर होगा।

राजद अंदरखाने कानूनी रास्ता तलाश रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस परिणाम में कई तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी सवाल हैं जिनकी जांच जरूरी है।

पार्टी यह भी मान रही है कि अगर दोबारा गिनती, मशीनों की जांच या बूथवार रिपोर्ट का अध्ययन हुआ, तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

फिलहाल RJD का सुर साफ है—“लड़ाई खत्म नहीं हुई… यह तो अभी शुरुआत है।”

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