Washington, USA: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के खिलाफ छेड़ा गया सैन्य संघर्ष एक बड़ा और महंगा सिरदर्द बनकर उभर रहा है। ट्रंप को यह उम्मीद थी कि वे इजरायल के साथ मिलकर इस इस्लामिक देश का आसानी से नामोंनिशां मिटा देंगे, लेकिन इस युद्ध में अमेरिका को भारी-भरकम सैन्य और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
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कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना को करीब 31,943 करोड़ रुपये (3.3 अरब डॉलर) की लागत वाले 81 सैन्य विमानों और ड्रोनों की तबाही का जख्म मिला है। यह भारी नुकसान ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई और हवाई हमलों के दौरान हुआ है।
किन अत्याधुनिक विमानों और ड्रोनों को हुआ नुकसान?
यह आधिकारिक ब्यौरा इस बात की पुष्टि करता है कि इस जंग में अमेरिका के कुछ सबसे आधुनिक और उन्नत युद्धक विमान तबाह हुए हैं। रिपोर्ट में शामिल प्रमुख नुकसान इस प्रकार हैं:
– फाइटर जेट्स: अमेरिका ने संघर्ष के दौरान अपने सबसे एडवांस्ड पांचवीं पीढ़ी के एफ-35ए लाइटनिंग 2 स्टील्थ फाइटर जेट, कई एफ-15ई जेट और ए-10 थंडरबोल्ट 2 ग्राउंड-अटैक एयरक्राफ्ट गंवाए हैं।
– ड्रोन और यूएवी: ईरान के खिलाफ इस जंग (जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया था) में 45 एमक्यू-9 रीपर मल्टी-रोल ड्रोन समेत कुल 45 से अधिक मानवरहित विमान तबाह हुए हैं। एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन की कीमत 3 से 5 करोड़ डॉलर के बीच आंकी जाती है।
– अमीरी और निगरानी विमान: इसके अलावा एक ई-3 सेंट्री एयरबोर्न अर्ली वार्निंग-एंड-कंट्रोल सिस्टम विमान (जिसकी कीमत करीब 27 करोड़ डॉलर प्रति विमान है), दो एमसी-130J कमांडो 2 स्पेशल ऑपरेशन्स विमान और कई रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी इस चपेट में आए हैं।
– हेलीकॉप्टर: लड़ाई के दौरान एक एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, चार एच-6 लिटिल बर्ड, एक एमएच-60 सी हॉक और एक एचएच-60 जॉली ग्रीन 2 कॉम्बैट सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी नष्ट हुए हैं।
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‘फ्रेंडली फायर’ और हमलों की घटनाएं
रिपोर्ट के खुलासे के मुताबिक, संघर्ष के दौरान कुछ हादसे आंतरिक चूकों की वजह से भी हुए। उदाहरण के लिए, 2 मार्च को कुवैत के ऊपर ‘फ्रेंडली फायर’ (अपनी ही सेना की गोलीबारी) में तीन एफ-15 जेट मार गिराए गए थे, जबकि अगले महीने ईरान के ऊपर एक अन्य जेट को निशाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, 9 और 10 सितंबर को जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर ईरान के हवाई हमलों के दौरान कम से कम आठ अन्य एफ-15ई विमानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा।
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सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि कई सामरिक जानकारियां गोपनीय रखी जाती हैं और कुछ घटनाओं की जिम्मेदारी तय करना अभी बाकी है। इस बीच, युद्ध में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और गोला-बारूद की कुल लागत भी तेजी से बढ़कर 28.1 अरब डॉलर के पार पहुंच चुकी है। हालांकि, पेंटागन और व्हाइट हाउस की ओर से इन ताजा रिपोर्टों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





