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झारखंड में साइबर फ्रॉड का बड़ा जाल बेनकाब, जमशेदपुर से आरोपी गिरफ्तार

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने करीब 2.98 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिनेश कुमार

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Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने करीब 2.98 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिनेश कुमार जायसवाल के रूप में हुई है, जो जमशेदपुर का रहने वाला है। उसे जमशेदपुर में की गई एक छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई CID की साइबर क्राइम थाना टीम ने की है। टीम ने आरोपी के पास से कई अहम दस्तावेज, बैंक अकाउंट डिटेल्स और लेन-देन से संबंधित कागजात भी बरामद किए हैं।

28 जुलाई 2025 को रांची साइबर थाना में दर्ज हुए कांड संख्या 88/2025 के अनुसार, शिकायतकर्ता को टेलीग्राम ऐप पर एक लिंक भेजा गया था जो “ग्लोबल इंडिया” नामक साइट से जुड़ा था। लिंक क्लिक करने पर उसे शिकागो बोर्ड ऑफ ऑप्शंस एक्सचेंज नामक एक प्लेटफॉर्म पर मेटल ट्रेडिंग के लिए अकाउंट खोलने को कहा गया।

पीड़ित को बताया गया कि निवेश पर शानदार रिटर्न मिलेगा। झांसे में आकर पीड़ित ने 2 करोड़ 98 लाख 66 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा कर दिए। कुछ समय बाद उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हुआ है।

जांच में सामने आया कि जिन खातों में यह रकम ट्रांसफर की गई, उनमें से कुछ के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश और झारखंड में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। विशेष रूप से, इंडसइंड बैंक के एक खाते में एक ही दिन में 1.15 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने का मामला उजागर हुआ है।

CID की डीएसपी नेहा बाला ने प्रेस बयान में बताया कि आरोपी दिनेश के खातों और लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी अंतरराज्यीय साइबर ठग नेटवर्क से जुड़ा है, जो देश के कई राज्यों में सक्रिय है।

जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि आरोपी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अनेक निवेशकों को भ्रमित किया और पैसे ठग लिए। आरोपी ने पहले भी कई फर्जी निवेश योजनाओं का संचालन किया है।

गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल और नोएडा सेक्टर-36 थाने में दर्ज मामले को भी इस केस से लिंक किया गया है। CID अब बैंक खातों की लेनदेन गतिविधियों, UPI ट्रेल, डिजिटल वॉलेट्स और मोबाइल ऐप्स के जरिए अन्य अपराधियों की पहचान कर रही है।

डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़ी डिजिटल संपत्तियों की ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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