Ranchi: राजधानी रांची में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने इस महारैली को पूरी तरह से ‘फ्लॉप’ बताते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे और 10 लाख की भीड़ जुटाने के तामझाम के बावजूद मैदान में हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी और वहां केवल कुछ हजार लोग ही नजर आए।
‘रैली में खाली पड़ी थीं कुर्सियां, जनता ने नकारा’
संजय सेठ ने मीडियाकर्मियों का हवाला देते हुए कहा कि रैली के दौरान पूरे मैदान में कुर्सियां खाली पड़ी थीं, जिसे पूरे देश ने देखा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह स्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश की जनता ने इस विपक्षी गठबंधन को पूरी तरह से नकार दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे लोग आज हाशिए पर हैं जो भीड़तंत्र के सहारे देश को अशांत करना चाहते हैं और अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है और वह केवल विकास की राजनीति चाहती है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट और पीएम मोदी के कार्यों की सराहना
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक संस्था ने भी यह स्वीकार किया है कि भारत में लगभग 50 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में शामिल किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 50 साल तक देश पर शासन करने के बावजूद कांग्रेस सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ के नारे देती रही, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए इसे जमीन पर करके दिखाया है।
उन्होंने बताया कि गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, जनधन योजना और किसान सम्मान निधि जैसी पहलों के कारण ही देश के करोड़ों लोगों का जीवनस्तर सुधरा है। साथ ही, वर्ल्ड बैंक ने यह भी माना है कि देश में साढ़े 13 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित हुए हैं।
राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए संजय सेठ ने कहा कि जनता उन्हें अब गंभीरता से नहीं लेती है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘झूठ बोलने और भारत का विरोध करने वाली मशीन’ करार दिया। विपक्ष द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 25-26 वर्षों का राजनीतिक इतिहास गवाह है कि पीएम मोदी ने देश के विकास के लिए कड़े फैसले लिए हैं और जनता का उन पर अटूट भरोसा है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद से साल 2029 में एनडीए एक बार फिर दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा।







