Kolkata: पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले की संवेदनशील और हॉट सीट मानी जाने वाली नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,22,753 वोटों के भारी-भरकम और रिकॉर्ड अंतर से मात दी है।
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इस उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के मिलन प्रधान 41,674 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा, सीपीआई के शांति गोपाल गिरी 5,779 वोट पाकर तीसरे और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) के अली मोहम्मद साबे मिराज खान 1,607 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 853 वोट पाकर पांचवें स्थान पर सिमट गई।
ममता बनर्जी की पार्टी क्यों नहीं थी मैदान में?
इस चुनाव में पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) सीधे तौर पर चुनावी मैदान में नहीं उतरी थी। दरअसल, टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने आखिरी समय में अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया था।
टूटा 1967 का पुराना रिकॉर्ड
नंदीग्राम के चुनावी इतिहास में 1967 के बाद से किसी भी विजयी उम्मीदवार की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मौजूदा सीएम सुवेंदु अधिकारी के नाम था, जिन्होंने 2016 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 81,230 वोटों के अंतर से इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
अपनी इस शानदार जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उपचुनाव से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार जीत का अंतर उनके 2016 के पुराने रिकॉर्ड को पार कर जाएगा और परिणाम उम्मीद के मुताबिक ही रहे। उन्होंने कहा कि यह बड़ी सफलता तब तक संभव नहीं थी, जब तक पार्टी को नंदीग्राम में मतदाताओं और क्षेत्र के हर वर्ग का व्यापक समर्थन न मिलता।
कौन हैं हसीरानी रथ?
नंदीग्राम उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली हसीरानी रथ, सुवेंदु अधिकारी के पूर्व पर्सनल असिस्टेंट रहे दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं। गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ की इस साल 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से यह परिवार और क्षेत्र काफी चर्चा में रहा था। इस उपचुनाव में भाजपा को कुल पड़े वोटों का 75.94 प्रतिशत हिस्सा मिला, जो पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।




