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तालाब से लेकर कुएं तक बदले, जल-जीवन-हरियाली में बिहार की बड़ी उपलब्धि

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बिहार में 5.5 लाख से अधिक जल संरचनाओं का संरक्षण और जीर्णोद्धार हुआ, जबकि 22.99 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य भी पूरा किया गया।

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Patna: बिहार में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को लेकर चल रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अब तक 5.5 लाख से अधिक जल संरचनाओं का संरक्षण, जीर्णोद्धार और नव निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस अभियान के तहत राज्य में 22.99 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य भी पूरा किया गया है। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से जल संरक्षण के साथ राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में भी काम हुआ है।

5.5 लाख से अधिक जल संरचनाओं पर हुआ काम

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2019 को बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई थी। जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कामों को अभियान के तहत 11 अवयवों में बांटा गया और इसकी जिम्मेदारी 15 विभागों को दी गई। ग्रामीण विकास विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के जरिए अब तक राज्य में बड़ी संख्या में जल संरचनाओं के संरक्षण और निर्माण का काम किया गया है।

28,488 सार्वजनिक जल संरचनाएं अतिक्रमण मुक्त

अभियान के तहत अब तक 28,488 सार्वजनिक जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसके अलावा करीब 1.10 लाख सार्वजनिक तालाब, पोखर, आहर और पईनों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य पूरा किया गया है। राज्य में 38,651 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है। वहीं 2,61,744 सार्वजनिक जल संरचनाओं के किनारे सोख्ता निर्माण का काम भी पूरा हुआ है।

85,528 नए जलस्रोतों का हुआ सृजन

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत नए जलस्रोत तैयार करने और जल संचयन पर भी जोर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 13,658 चेक डैम और जल संचयन की अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 85,528 नए जलस्रोतों का सृजन किया गया। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 15,683 सरकारी भवनों पर छत-वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण भी पूरा कराया गया है।

जैविक और मौसम अनुकूल खेती को भी बढ़ावा

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण के साथ कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम किया गया है।

अभियान से जुड़ी उपलब्धियों के अनुसार:

• 1,09,439 एकड़ भूमि जैविक कृषि से आच्छादित हुई।

• 61,848 एकड़ भूमि सूक्ष्म सिंचाई से आच्छादित हुई।

• 2,85,667 एकड़ भूमि में मौसम अनुकूल खेती का विस्तार हुआ।

• 12,614 सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए।

हरित आवरण बढ़ाने पर भी जोर

अभियान के तहत राज्यभर में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया। सरकार के मुताबिक 22.99 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।

इससे जल संरक्षण के साथ पर्यावरण और हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में भी काम हुआ है। सरकार का कहना है कि जल संरचनाओं के संरक्षण, जीर्णोद्धार और नव निर्माण का असर लंबे समय में दिखाई देगा।

श्रवण कुमार बोले- समय पर पूरे हों सभी काम

ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जलस्रोतों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और नव निर्माण के प्रयासों का दूरगामी परिणाम सामने आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधरोपण से राज्य के हरित आवरण में वृद्धि हुई है। मंत्री ने सभी जिलों को अभियान के तहत निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के अनुसार, जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए काम लगातार जारी है।

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