जमशेदपुर: टाटा स्टील की खेल प्रोत्साहन पहल से झारखंड समेत देशभर के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। कंपनी लंबे समय से उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर दे रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाकर देश के लिए नए खिलाड़ी तैयार करना है।
टाटा आर्चरी अकादमी ने तैयार किए 9 ओलंपियन
टाटा स्टील की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 1996 में जमशेदपुर के जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में टाटा आर्चरी अकादमी की स्थापना की गई थी। अब तक इस अकादमी से 9 ओलंपियन, 9 अर्जुन पुरस्कार विजेता और 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज तैयार हो चुके हैं।
अकादमी के खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्ष 2026 में अंकिता भकत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला रिकर्व टीम का हिस्सा बनकर एक और उपलब्धि हासिल की।
स्पोर्ट क्लाइंबिंग में भी बढ़ रहा झारखंड का नाम
टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के माध्यम से स्पोर्ट क्लाइंबिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2015 से अब तक 16 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए करीब एक हजार युवाओं को इस खेल से जोड़ा गया है।
वर्ष 2026 के एशियाई खेलों में जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश ने स्पीड क्लाइंबिंग के फाइनल में जगह बनाई। दोनों खिलाड़ियों ने क्रमशः 7.28 सेकंड और 5.09 सेकंड का समय दर्ज कर भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन पर विशेष ध्यान
टाटा स्टील खिलाड़ियों को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण के साथ खेल विज्ञान, पोषण, फिजियोथेरेपी और मानसिक मजबूती पर भी काम कर रही है। जमशेदपुर, क्योंझर और भुवनेश्वर में खेल सुविधाओं को विकसित किया गया है।
कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं में निवेश से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आने वाले समय में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई खेल प्रतिभाएं मिलेंगी।






