फॉण्ट कनवर्टर NEW

मेजर निदाल हसन को मिलेगी मौत की सजा? लाइव प्रसारण पर छिड़ी बहस

अमेरिका में मेजर निदाल हसन को फायरिंग स्क्वॉड से दी जाएगी मौत की सजा, 3 दिसंबर को होगा लाइव प्रसारण

अपनी भाषा में पढ़ें

Washington, USA: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान करते हुए कहा है कि वर्ष 2009 में फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 13 लोगों की नृशंस हत्या के दोषी मेजर निदाल हसन को आगामी 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मौत की सजा दी जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इस पूरी सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जो आधुनिक अमेरिकी इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना होगी।

क्या है पूरा मामला और क्यों उठाया गया यह कदम?

मेजर निदाल मलिक हसन ने टेक्सास स्थित फोर्ट हूड सैन्य बेस पर अपनी व्यक्तिगत हैंडगन से अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए 12 सैनिकों समेत कुल 13 लोगों की जान ले ली थी और 32 अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। यह अमेरिकी सैन्य इतिहास में किसी सैन्य अड्डे पर हुई सबसे घातक गोलीबारी में से एक थी, जिसने पूरी अमेरिकी सेना और देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही मेजर हसन को एक देशद्रोही और आतंकवादी के रूप में देखा जाता है।

फायरिंग स्क्वॉड से सजा देने की दुर्लभ प्रक्रिया

वर्तमान समय में सार्वजनिक रूप से मौत की सजा देना दुनिया के कुछ ही देशों (जैसे ईरान, उत्तर कोरिया, अफगानिस्तान या आतंकवादी संगठनों) में देखा जाता है। अमेरिका में लगभग एक सदी पहले इस प्रथा को बंद कर दिया गया था। 1976 के बाद से अब तक अमेरिका में केवल 6 लोगों को ही इस तरीके से मौत की सजा दी गई है, जो इसकी दुर्लभता को दर्शाता है।

इस प्रक्रिया के तहत निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं:

– तैयारी: कैदी को एक कुर्सी पर चमड़े की पट्टियों से उसकी कमर और सिर के पास कसकर बांध दिया जाता है। इसके बाद उसके सिर पर एक काला हुड पहनाया जाता है।

– निशाना: एक डॉक्टर स्टेथोस्कोप की मदद से कैदी के दिल की सही जगह का पता लगाता है और उस पर गोल सफेद कपड़े का एक निशाना लगाता है।

– फायरिंग स्क्वॉड: लगभग 20 फीट की दूरी पर एक घेरे में पांच निशानेबाज खड़े होते हैं, जिनके पास .30 कैलिबर की राइफलें होती हैं। हर राइफल में एक-एक गोली भरी होती है।

– ब्लाइंड राउंड की व्यवस्था: इन निशानेबाजों में से एक को खाली कारतूस (ब्लैंक राउंड) दिया जाता है, ताकि स्क्वॉड का हर सदस्य यह मान सके कि हो सकता है कि कैदी की जान लेने वाली गोली उसने न चलाई हो।

इस आगामी लाइव प्रसारण और ऐतिहासिक सजा को लेकर अमेरिकी न्याय और रक्षा प्रणाली में बहस छिड़ गई है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram