Patna: बिहार में ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और गांव की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने आधुनिक हाट-बाजारों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। ग्रामीण विकास विभाग की ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश के 207 ग्रामीण हाट-बाजारों का पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय किसानों, छोटे उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म मिलेगा।
20 डिसमिल से बड़े 207 स्थलों का हुआ चयन
योजना के तहत 20 डिसमिल से अधिक क्षेत्रफल वाले ग्रामीण हाट-बाजारों को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य स्तर पर कुल 725 संभावित स्थलों की सूची जिलों को भेजी गई थी। जिलों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद पहले चरण में 207 कार्यान्वयन योग्य स्थलों की पहचान कर विभाग को रिपोर्ट सौंपी गई है।
इन सभी चयनित हाटों में निम्नलिखित बुनियादी ढांचे तैयार किए जाएंगे:
विक्रेताओं और खरीदारों की सुविधा के लिए शेड युक्त वेंडर प्लेटफॉर्म का निर्माण।
पूरे परिसर में जलजमाव और कीचड़ से बचाव के लिए पेवर ब्लॉक बिछाना।
पेयजल, रोशनी और स्वच्छता जैसी जरूरी सहायक संरचनाओं का विकास।
समय सीमा में प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश
विभाग ने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी कागजी व तकनीकी औपचारिकताओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है। अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि डीपीआर और प्रशासनिक स्वीकृतियों में किसी भी स्तर पर देरी न हो।
किसानों और जीविका दीदियों को मिलेगा सीधा बाजार
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस पूरी परियोजना में नाबार्ड (NABARD) की वित्तीय और तकनीकी सहभागिता रहेगी। मंत्री ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों पर निर्भरता खत्म करना है। आधुनिक हाट बनने से जीविका दीदियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय किसानों को अपने कृषि व हस्तशिल्प उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक बेचने का स्थायी मंच मिलेगा, जिससे उन्हें उत्पादों की सही कीमत मिल सकेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।




