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पूर्व एनएसए का बड़ा बयान: ट्रंप की नीतियों ने भारत को चीन की ओर धकेला

World News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के खिलाफ आक्रामक टैरिफ नीति अपनाने के लिए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की है। उनके मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी इन नीतियों की वजह से भारत को जानबूझकर चीन की ओर धकेल रहे

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World News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के खिलाफ आक्रामक टैरिफ नीति अपनाने के लिए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की है। उनके मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी इन नीतियों की वजह से भारत को जानबूझकर चीन की ओर धकेल रहे हैं, जो कि अमेरिका के हितों के बिल्कुल विपरीत है।

पूर्व अमेरिकी अधिकारी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिका ने भारत के ऊपर 25 फीसदी का व्यापार टैरिफ और रूसी तेल खरीदने के लिए 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया गया है। ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगातार भारत को निशाना बनाया जा रहा है। भारत ने इसका भरपूर विरोध किया है। और अपने किसानों के हितों और संप्रभुता को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है।

बाइडेन के समय में सुरक्षा सलाहकार रहे सुलिवन ने दुनियाभर के देशों में अमेरिका के प्रति बढ़ते अविश्वास के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज हमारे सहयोगी देश हमें एक विघटनकारी देश के रूप में देखते हैं, आज चीन लोकप्रियता और स्थायी नीतियों के मामले में हमसे आगे निकल गया है। उन्होंने कहा, जब मैं अब इन जगहों पर जाता हूं और नेताओं से बात करता हूं, तो वे संयुक्त राज्य अमेरिका से जोखिम कम करने की बात कर रहे होते हैं। वह अब अमेरिका को एक विघटनकारी देश के रूप में देखते हैं, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। आज हालात यह हैं कि चीन वैश्विक स्तर पर एक लोकप्रिय खिलाड़ी है, जबकि हमारा अमेरिकी ब्रांड टॉयलेट में नजर आता है।

पॉडकॉस्ट में जैक ने अपनी बात पर जोर देते हुए भारत का उदाहरण दिया और कहा कि अमेरिका के भारत के गहरे और अधिक टिकाऊ संबंध बनाने को लेकर पिछले कई सालों से काम किया जा रहा था। हालांकि, अब ट्रंप ने नई दिल्ली के ऊपर भारी टैरिफ लगा दिए, जिससे भारत को मजबूरन चीन के साथ बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, एक उदाहरण के तौर पर भारत को ले लीजिए। यह एक ऐसा देश है, जिसके साथ हम मजबूत और टिकाऊ द्विपक्षीय संबंध बनाने के लिए वर्षों से काम कर रहे थे। हमारे सामने चीन के रूप में एक चुनौती भी थी। अब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के खिलाफ ही अभियान छेड़ दिया है। ऐसे में भारतीयों का मानना यह है कि उन्हें चीन के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहिए, जो कि वह कर रहे है।

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