Patna: पटना नगर निगम की ओर से आवासीय मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी किए गए नोटिस के मामले में बिहार सरकार ने कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे के समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। सरकार के मुताबिक समिति पूरे मामले का अध्ययन करेगी और व्यावहारिक एवं जनहितकारी समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
नगर निगम के नोटिस पर बनी समिति
पटना नगर निगम की ओर से आवासीय मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इस मामले के समाधान की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले के अध्ययन और समाधान के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया।
कौन-कौन समिति में शामिल?
समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी करेंगे। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश कुमार मिश्र को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
पटना नगर निगम द्वारा आवासीय मकानों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी नोटिस के समाधान के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी जी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
इस समिति में माननीय मंत्री श्री नीतीश कुमार मिश्र जी (सदस्य सचिव) तथा सदस्य के रूप में… pic.twitter.com/xUpq1g7Al5
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 25, 2026
समिति में सदस्य के तौर पर:
• ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार
• सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव
• विधान पार्षद संजय कुमार सिंह
शामिल हैं।
जनहितकारी समाधान पर होगा जोर
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक समिति संबंधित विषय का अध्ययन करेगी। इसके बाद व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान की दिशा में जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी नोटिस के मामले में आगे की प्रक्रिया पर समिति की रिपोर्ट और सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।
विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
पटना नगर निगम के नोटिस के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में चार विधायक शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, श्याम रजक और संजय गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मामले में समाधान की मांग रखी थी।
अब समिति करेगी मामले का अध्ययन
मुख्यमंत्री द्वारा समिति गठित किए जाने के बाद अब संबंधित विषय का अध्ययन किया जाएगा। समिति का उद्देश्य ऐसा समाधान तलाशना है, जो व्यावहारिक होने के साथ जनहित में भी हो।





