Patna: बिहार में बढ़ती आबादी और शहरों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नए शहरी क्षेत्रों के विकास की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में हितधारकों के साथ बैठक हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में टाउनशिप के प्रस्तावित विकास मॉडल, जमीन, परिवहन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए शहरों का विस्तार जरूरी है। सरकार ने राज्य में 12 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए राज्य में ही रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
273 गांवों में प्रस्तावित है पाटलिपुत्र टाउनशिप
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का प्रस्तावित क्षेत्र 9 प्रखंडों के 273 गांवों में फैला है। इसमें पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी, फतुहा, सपतचक, पटना ग्रामीण, धनरुआ, दनियावां और फुलवारी प्रखंड के क्षेत्र शामिल हैं। विशेष क्षेत्र में नौबतपुर नगर पंचायत का आंशिक हिस्सा और पुनपुन नगर पंचायत का पूरा क्षेत्र भी शामिल है। प्रस्ताव के मुताबिक टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल करीब 81,730 एकड़ है। इसके तहत पुनपुन प्रखंड के 19 गांवों में करीब 3.008 एकड़ का कोर एरिया प्रस्तावित किया गया है।
किसानों की सहमति पर मंत्री ने दिया भरोसा
बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी जमीन नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना को लेकर सरकार समय-समय पर लोगों के बीच जाएगी और उन्हें पूरी जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने लोगों से योजना में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर बिहार के शहरी विकास की दिशा तय करनी होगी। उनका कहना था कि बेहतर शहर बनने से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी।
2047 की विकास योजना पर मांगे गए सुझाव
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार ने कहा कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का उद्देश्य केवल नया शहर बनाना नहीं है, बल्कि भविष्य के शहरी विकास को पहले से योजनाबद्ध करना है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकास योजना 2047’ का प्रारूप आम लोगों और विभिन्न हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां लेने के लिए प्रकाशित किया गया है। सचिव के मुताबिक बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों के कारण बिहार के मौजूदा शहरों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रीनफील्ड टाउनशिप के जरिए नए आवास, रोजगार, निवेश और कारोबार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
सड़क, रोजगार और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
प्रस्तावित टाउनशिप में आवास के साथ रोजगार, सड़क, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, पार्क, जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी जैसी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। टाउनशिप में टीओडी यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, सार्वजनिक परिवहन, पैदल चलने और साइकिल के लिए सुविधाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी के साथ वाहन पर कम निर्भरता वाला शहरी विकास तैयार करना है।
भूमि पूलिंग से किसानों को जोड़ने की योजना
टाउनशिप के विकास में विकास योजना, भूमि उपयोग योजना और टाउन प्लानिंग स्कीम को महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। इसके लिए भूमि पूलिंग, भूमि पुनर्संयोजन या लागू अन्य भूमि व्यवस्था के जरिए भू-स्वामियों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाने का प्रयास किया जा सकता है। प्रस्ताव में छोटे भू-स्वामियों, किसानों और स्थानीय समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास को सहभागी और न्यायसंगत बनाने पर जोर दिया गया है। जहां जरूरत होगी, वहां सहमति आधारित व्यवस्था या लागू कानून के अनुसार भूमि अर्जन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
पार्क और हरित गलियारों से पर्यावरण पर भी फोकस
प्रस्तावित टाउनशिप में सेक्टर पार्क, सामुदायिक पार्क, हरित गलियारे और खेल क्षेत्र विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही जल निकायों के संरक्षण पर जोर देकर पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
हितधारकों ने दिए सुझाव
बैठक में पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के प्रस्तावित विकास मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसके बाद विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों और आपत्तियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी, प्रबंध निदेशक-सह-सचिव अनिमेष कुमार पराशर, बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक सह विशेष सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा, विशेष सचिव नवल किशोर चौधरी, अपर सचिव मनोज कुमार समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।





