रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी रांची के ऐतिहासिक व्यावसायिक केंद्र अपर बाजार के जालान रोड स्थित दुकानों और जमीन की लीज रद्द करने तथा बेदखली के रांची नगर निगम के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले से किरण देवी मोदी सहित सभी आठ याचिकाकर्ताओं और स्थानीय दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है।
न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि रांची नगर निगम की कार्रवाई पर्याप्त एवं ठोस कारणों के अभाव में की गई थी। अदालत ने माना कि बिना समुचित आधार और प्रक्रिया के ऐसा आदेश जारी करना न्यायसंगत नहीं है। पीठ ने सभी आठों रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए नगर निगम के पूर्व आदेश को खारिज कर दिया और मामले को नए सिरे से विचार के लिए वापस निगम के पास भेज दिया।
अदालत ने रांची नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करे। सभी प्रभावित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा और निष्पक्ष अवसर दिया जाए। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों, साक्ष्यों और कानूनी दलीलों का गहन अध्ययन करने के बाद ही कोई तर्कसंगत और विधि सम्मत आदेश पारित किया जाए। हाईकोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को आदेश की प्रति मिलने के 12 सप्ताह के भीतर पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की लैंड रिफॉर्म उपसमिति के चेयरमैन एवं रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अदालत के निर्णय से व्यापारियों में न्याय के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अपर बाजार रांची की रीढ़ है, जहां सैकड़ों परिवार पीढ़ियों से व्यापार कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले व्यापारियों का पक्ष सुनना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उन्होंने भरोसा जताया कि नगर निगम अदालत के आदेशों का सम्मान करते हुए सभी पक्षों को सुनकर एक निष्पक्ष समाधान निकालेगा।






