Patna: सीएम सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में उच्च और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना, शैक्षणिक संस्थानों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की शिक्षा से संबंधित योजनाओं को पूरी तरह कार्यान्वित करने और आवंटित राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और बिहार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय और बीएचयू केंद्रों पर जोर
बैठक के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान के लिए 15 जुलाई 2026 को 220 एकड़ भूमि हस्तांतरित किए जाने का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से इस पर आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के दो नए केंद्र खोलने तथा और अधिक केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने का भी औपचारिक अनुरोध किया गया।
211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के लिए राशि की मांग
राज्य में उच्च शिक्षा की पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए वर्तमान में 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन महाविद्यालयों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु प्रति महाविद्यालय 25 करोड़ रुपये की दर से कुल 5,275 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया है। सरकार का यह प्रयास है कि बिहार के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।
सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता और सुधार प्राथमिकता
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि बिहार में लगभग 80 प्रतिशत विद्यालय सरकारी हैं और करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थी उन्हीं में नामांकित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत संरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा मिल रही है।




