लखनऊ/डेस्क: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। वाराणसी में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पिछली बार भी विधानसभा चुनाव लड़े बिना मुख्यमंत्री बने थे और इस बार भी लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री पद तक पहुंचेंगे।
चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से बढ़ी सियासी चर्चा
अखिलेश यादव के इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने से उन्हें पूरे प्रदेश में पार्टी के प्रचार पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। वह किसी एक सीट तक सीमित रहने के बजाय सभी क्षेत्रों में चुनावी अभियान चला सकेंगे।
वहीं, इस फैसले को लेकर बीजेपी को भी समाजवादी पार्टी पर हमला करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, अखिलेश यादव ने अपने बयान से साफ संकेत दिया है कि उन्हें पार्टी की जीत और सरकार बनाने का भरोसा है।
वाराणसी को लेकर किए बड़े वादे
अखिलेश यादव ने वाराणसी के विकास को लेकर भी अपनी योजनाएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर काशी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा।
गोमती नदी को लेकर उन्होंने कहा कि यह नदी लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। इसे साफ और सुंदर बनाने के लिए गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर काम किया जाएगा। उन्होंने काशी को क्योटो बनाने के दावे पर भी तंज कसा और कहा कि अगर क्योटो नहीं बना पाए तो कम से कम उसकी तस्वीर ही लगा देते।
राजभर और योगी सरकार पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनकी ओटीपी कहीं और से आती है। साथ ही आरोप लगाया कि राजभर कैबिनेट में बैठे माफिया को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राजभर को 50 सीटें चाहिए तो वह माफिया की भूमिका निभाकर लोगों को डराने का काम करेंगे। अखिलेश ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ही मंत्रियों के टिकट काटने की तैयारी में हैं।
बीजेपी की यात्रा पर भी कसा तंज
बीजेपी की यात्रा को अखिलेश यादव ने अराजकता की यात्रा करार दिया। उन्होंने राम मंदिर में चोरी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को भगवान राम और भगवान विश्वनाथ सजा देंगे।
उन्होंने सवाल उठाया कि मामले में क्लीन चिट तो मिल गई, लेकिन ऊपर वाला कब क्लीन चिट देगा। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा।
अंत में अखिलेश यादव ने बीजेपी के खिलाफ नारा देते हुए कहा, ‘भाजपा हटे, संकट मिटे।’ उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है।






