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यूक्रेन में रूसी हमलों से मचा हाहाकार, 33 की मौ’त, 18 घायल

यूक्रेन पर रूस के भीषण और ताबड़तोड़ हमले: हवाई हमलों में 33 लोगों की मौत, 18 घायल

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Kiev, Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग थमने का नाम नहीं ले रही है, और दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना की ओर से किए गए घातक हवाई हमलों में 33 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस बात की जानकारी खुद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दी है।

बस स्टॉप को बनाया गया निशाना, परिवहन सेवा रुकी

रिपोर्ट के अनुसार, हमलों के दौरान क्रामाटोर्स्क शहर में एक सामान्य सार्वजनिक बस स्टॉप को सीधा निशाना बनाया गया, जहां अकेले इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई। रूस ने सर्दियों की शुरुआत होने से पहले यूक्रेन पर अपने हमलों को काफी तेज कर दिया है, जिसके कारण राजधानी कीव समेत कई इलाकों में बिजली का गंभीर संकट भी गहराने लगा है।

क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख वादिम फिलाश्किन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बताया कि दोनेत्स्क क्षेत्र के क्रामाटोर्स्क और स्लोवियांस्क में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ी है, जिसे देखते हुए वहां का सार्वजनिक परिवहन रोक दिया गया है। उन्होंने रूस पर जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे खतरनाक हालातों में यात्रियों और चालकों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा इस वक्त प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है।

प्राइलुकी में भी हुआ था बड़ा हमला, जेलेंस्की ने की नाटो से मदद की अपील

इस बड़ी घटना से ठीक एक दिन पहले, रूस ने पूर्वी यूक्रेन के प्राइलुकी शहर में भीषण मिसाइल हमले किए थे, जिसमें 5 बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी और 54 अन्य लोग घायल हो गए थे।

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आशंका जताई है कि जैसे-जैसे कड़ाके की सर्दी नजदीक आएगी, रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले और अधिक तीव्र हो सकते हैं। इसे देखते हुए उन्होंने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों से अतिरिक्त रक्षा सहायता और हथियार उपलब्ध कराने की पुरजोर अपील की है।

यूक्रेनी नेतृत्व ने रूसी हमलों के खिलाफ आवाज उठाने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का आभार तो जताया है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि केवल मौखिक समर्थन काफी नहीं है। इसे तत्काल नए सैन्य रक्षा पैकेजों के रूप में जमीनी स्तर पर लागू किया जाना बेहद जरूरी है। एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं की आपूर्ति, लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद और आधुनिक इंटरसेप्टर तकनीक में किया गया निवेश ही प्रतिदिन निर्दोष नागरिकों की जान बचाने में सीधे तौर पर मददगार साबित हो रहा है।

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