सारण: बिहार के सारण जिले में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर मकेर, रिविलगंज और परसा प्रखंड के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, प्राथमिकी और स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है।
प्रशासन के अनुसार, मकेर अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक सुभाष कुमार को बाढ़ राहत कार्यों में वरीय अधिकारियों के आदेश की अनदेखी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है।
वहीं, मकेर के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक नागेंद्र पंडित से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के मामले में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
परसा प्रखंड में तैनात कई अधिकारियों से भी क्षेत्र में अनुपस्थित रहने और सरकारी फोन नहीं उठाने की शिकायत पर जवाब मांगा गया है। इनमें प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, मनरेगा के प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




