के. दुर्गा राव | सरायकेला
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो के इस्तीफे के बाद सरायकेला-खरसावां जिले में संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर रविवार को आजसू की जिला कमेटी समेत जिले की सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया। इसकी घोषणा आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सह जिला मुख्य संयोजक सत्यनारायण महतो उर्फ माकड़ महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।
सत्यनारायण महतो ने बताया कि केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो के निर्देश पर जिला कमेटी समेत सभी इकाइयों को भंग किया गया है। अब संगठन का नए सिरे से गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का पहला फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रखंड और अन्य संगठनात्मक इकाइयों में जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके बाद जिला कमेटी का गठन किया जाएगा और जिलाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी होगी।
हरेलाल महतो के जाने से संगठन पर असर नहीं : माकड़ महतो
हरेलाल महतो के पार्टी छोड़ने और उनके साथ कई पदाधिकारियों के इस्तीफे से संगठन पर पड़ने वाले असर के सवाल पर माकड़ महतो ने कहा कि इससे आजसू के संगठन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में नेताओं का आना-जाना चलता रहता है, लेकिन संगठन विचारधारा और कार्यकर्ताओं के आधार पर आगे बढ़ता है।
गौरतलब है कि आजसू के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से 2019 और 2024 में पार्टी प्रत्याशी रहे हरेलाल महतो ने 26 सितंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और केंद्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही ईचागढ़, कुकड़ू, नीमडीह और चांडिल प्रखंड अध्यक्षों के भी पार्टी छोड़ने की जानकारी सामने आई थी।
एसआईआर के बीच संगठन भंग करने पर भी दिया जवाब
एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण अभियान के दौरान जिला कमेटी और अन्य संगठनात्मक इकाइयों को भंग किए जाने के सवाल पर माकड़ महतो ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें खरसावां विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जिला उपाध्यक्ष दुर्योधन महतो को सरायकेला विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि संगठन के पुनर्गठन और एसआईआर से जुड़ी जिम्मेदारियां समानांतर रूप से निभाई जाएंगी।
पहले प्रखंड और अन्य इकाइयां, फिर जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष के चयन में हो रही देरी के सवाल पर माकड़ महतो ने कहा कि केवल जिलाध्यक्ष घोषित कर देने से संगठन मजबूत नहीं होता। पार्टी पहले जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करना चाहती है। सभी प्रखंडों और अन्य संगठनात्मक इकाइयों का गठन होने के बाद जिला कमेटी बनाई जाएगी। इसके बाद जिलाध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।
ईचागढ़ में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल जिला मुख्य संयोजक के रूप में वे केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाएंगे।
2029 में ईचागढ़ से चुनाव लड़ने का फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर
2029 के विधानसभा चुनाव में आजसू ईचागढ़ सीट से चुनाव लड़ेगी या गठबंधन के तहत यह सीट भाजपा के खाते में जाएगी, इस सवाल पर माकड़ महतो ने कहा कि आजसू पार्टी चुनाव लड़ती रही है और आगे भी अपनी तैयारी करेगी। हालांकि सीट बंटवारे का फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होता है और अंतिम निर्णय भी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
हरेलाल महतो के इस्तीफे और उनके साथ कई स्थानीय पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने की खबरों के बाद सरायकेला-खरसावां जिले की सभी कमेटियों को भंग कर नए सिरे से संगठन खड़ा करने की घोषणा को आजसू के लिए बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है। अब प्रखंड से जिला स्तर तक नए संगठनात्मक ढांचे में किन चेहरों को जिम्मेदारी मिलती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।




