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झारखंड विधानसभा : नशे के सौदागरों और नियुक्तियों के ‘खेल’ पर सदन में भारी हंगामा

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन काफी गहमागहमी भरा रहा। शनिवार को सदन की कार्यवाही के दौरान राज्य में पैर पसारते ‘सफेद जहर’ (ड्रग्स) के अवैध कारोबार और स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रार की नियुक्ति में कथित धांधली के मुद्दों ने सत्ता पक्ष

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन काफी गहमागहमी भरा रहा। शनिवार को सदन की कार्यवाही के दौरान राज्य में पैर पसारते ‘सफेद जहर’ (ड्रग्स) के अवैध कारोबार और स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रार की नियुक्ति में कथित धांधली के मुद्दों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने हजारीबाग, रामगढ़, पतरातू और केरेडारी जैसे क्षेत्रों का हवाला देते हुए राज्य में बढ़ते ड्रग्स माफियाओं के नेटवर्क पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सदन को बताया कि हीरोइन और ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थ अब गली-मोहल्लों तक पहुँच चुके हैं।

विधायक ने आंकड़ों की बाजीगरी को सामने रखते हुए कहा कि 2019 से 2023 के बीच NDPS एक्ट के तहत 2,396 मामले दर्ज हुए, लेकिन हाल के वर्षों (2023-2026) में यह ग्राफ डराने वाली तेजी से बढ़ा है। करोड़ों की बरामदगी इस बात का सबूत है कि ड्रग माफियाओं की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। चौधरी ने सुझाव दिया कि केवल सामान्य पुलिसिंग से काम नहीं चलेगा, इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स (STF) और राज्यव्यापी ‘एंटी-नारकोटिक्स’ अभियान की सख्त जरूरत है। सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र महतो ने आश्वस्त किया कि सरकार नशे के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही हर जिले में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर माफियाओं की कमर तोड़ी जाएगी।

फार्मेसी काउंसिल में ‘बैकडोर’ एंट्री की होगी जाँच

ड्रग्स के मुद्दे के अलावा, सदन में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी उंगलियां उठीं। वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार पांडेय की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। राय के अनुसार, जिस पद पर नियुक्ति महज छह महीने के लिए हुई थी, उस पर उक्त व्यक्ति वर्षों से कैसे काबिज है? उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति करने का आरोप लगाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन में घोषणा की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति और विधानसभा को गलत जानकारी देने के आरोपों की भी तहकीकात होगी। मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पारदर्शिता की पक्षधर है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर गाज गिरना तय है।”

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