फॉण्ट कनवर्टर NEW

अमेरिका की ‘लाल आंख’ देख ईरान के बदले सुर, सैन्य अभ्यास से इनकार

Tehran (Iran): पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट के बीच रविवार को एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई। ईरान, जिसने कल तक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अपनी सैन्य ताकत दिखाने का ऐलान किया था, अब उसने कूटनीतिक यू-टर्न ले लिया है। तेहरान ने आधिकारिक

अपनी भाषा में पढ़ें

Tehran (Iran): पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट के बीच रविवार को एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई। ईरान, जिसने कल तक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अपनी सैन्य ताकत दिखाने का ऐलान किया था, अब उसने कूटनीतिक यू-टर्न ले लिया है। तेहरान ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि सामरिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग (होर्मुज जलडमरूमध्य) में किसी भी प्रकार के ‘लाइव-फायर’ सैन्य अभ्यास की उसकी कोई योजना नहीं है। ईरान का यह नरम रुख तब सामने आया है जब अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपने विनाशक युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिए थे।

अमेरिकी चेतावनी का दिखा असर

इससे पहले इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की ओर से रविवार और सोमवार को युद्धाभ्यास की खबरें आई थीं। इस पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दोटूक चेतावनी दी थी कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए ‘लाइफलाइन’ माने जाने वाले इस रास्ते पर कोई भी ‘गैर-पेशेवर’ हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के छह युद्धपोत और लड़ाकू विमान हाई अलर्ट पर हैं। ईरान ने अब इन खबरों को ‘मीडिया की गलत रिपोर्ट’ बताकर विवाद को ठंडा करने की कोशिश की है।

परदे के पीछे शांति की तलाश

एक तरफ जहां हथियारों का प्रदर्शन रुक गया है, वहीं दूसरी ओर तुर्की में ‘शांति की मेज’ सजने की खबरें हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान अब बातचीत की दिशा में गंभीरता दिखा रहा है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तुर्की, मिस्र और कतर मध्यस्थता कर रहे हैं और इस सप्ताह के अंत में एक उच्च स्तरीय बैठक हो सकती है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि वे परमाणु मुद्दे पर तो बात कर सकते हैं, लेकिन अपनी मिसाइल क्षमता पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

इजरायल की ‘ईगल आई’ और भविष्य की रणनीति

ईरान के इस कदम के बावजूद इजरायल पूरी तरह सतर्क है। इजरायल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर फिलहाल वाशिंगटन में पेंटागन के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इजरायली खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ईरान का यह यू-टर्न वास्तव में शांति की पहल है या फिर यह नई रणनीति के तहत लिया गया ‘रणनीतिक ब्रेक’ है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें तुर्की में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : पेंटागन में अमेरिका-इजरायल की गुप्त बैठक, क्या ईरान पर होगा हमला?

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram