Patna: उत्तरी बिहार में लगातार गिरते भू-जल स्तर के संरक्षण एवं इसके पुनर्भरण (Recharge) को बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत राज्य के मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिलों के जलोढ़ क्षेत्रों में प्रदर्शनात्मक और प्रायोगिक आधार पर कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, पटना, लघु जल संसाधन विभाग (बिहार सरकार) और WAPCOS के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए हैं।
वैज्ञानिक तरीके से होगा गहरे जलभृतों का विकास
लघु जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर मुहर लगी। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक और सुनियोजित तरीके से गहरे जलभृतों (Deep Aquifers) का विकास करना तथा आने वाले समय में भू-जल संसाधनों की दीर्घकालिक उपलब्धता को सुरक्षित करना है।
केंद्रीय भूमि जल बोर्ड और कई अन्य राज्य स्तरीय अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि उत्तरी बिहार के इन जिलों में गहरे जलभृतों के भीतर पर्याप्त जल उपलब्धता की प्रबल संभावनाएं हैं। प्रस्तावित योजना के अंतर्गत आधुनिक ‘इंजेक्शन वेल’ तकनीक के माध्यम से उपचारित सतही जल को सीधे गहरे जलभृतों में प्रविष्ट कराया जाएगा। इससे न केवल भू-जल स्तर को तेजी से पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पेयजल की दीर्घकालिक उपलब्धता और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने की क्षमता भी मजबूत होगी।
निर्माण और रखरखाव की रूपरेखा
इस पूरी योजना के तहत निर्माण कार्य केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, पटना द्वारा WAPCOS संस्था के माध्यम से पूरा कराया जाएगा। एक बार निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो जाने के बाद, इन संरचनाओं के सुचारू संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन्हें लघु जल संसाधन विभाग, बिहार को आधिकारिक तौर पर हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (मुख्यालय, नई दिल्ली) के सदस्य डॉ. प्रवीण नायक, WAPCOS के उप मुख्य अभियंता सुधीर कुमार, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (पटना) के क्षेत्रीय निदेशक श्री राजीव रंजन शुक्ला, लघु जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख सुनील कुमार और मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता जगन्नाथ पासवान सहित तीनों संस्थानों के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






