रांची: धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व पर झारखंड की राजधानी रांची में खुशियों का उजियारा फैल गया है। त्योहारों की तैयारियों और बाजार की रौनक के बीच राज्य सरकार ने जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का एक बड़ा संबल दिया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले की 3 लाख 94 हजार 07 लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में अक्टूबर माह की सम्मान राशि सफलतापूर्वक भेज दी गई है।
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में ₹2,500 की दर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए कुल ₹98 करोड़ 50 लाख 17 हजार 500 रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। त्योहार से ठीक पहले बैंक खातों में यह राशि क्रेडिट होते ही महिलाओं के चेहरों पर सुकून और खुशी की चमक साफ देखी जा सकती है।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता और घरेलू खर्चों में बड़ा सहारा
धनतेरस के पावन मौके पर खाते में सम्मान राशि का आना सिर्फ एक वित्तीय लेन-देन नहीं है, बल्कि यह उन लाखों गृहिणियों और बहनों के लिए एक बड़ा संबल है जो परिवार की जरूरतों और त्योहार के खर्चों को लेकर फिक्रमंद थीं। इस सहयोग से महिलाएं अब बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने बच्चों के लिए नए कपड़े, घर की सजावट का सामान, दीये और मिठाइयां खरीद सकेंगी। इसके साथ ही, कई महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-मोटी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और बचत के रूप में कर सकेंगी, जिससे उनकी घरेलू निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा।
प्रशासन की पारदर्शी और समयबद्ध पहल
जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य सरकार की महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि दीपावली और धनतेरस जैसे बड़े पर्वों से ठीक पहले महिलाओं के खातों में सम्मान राशि पहुंचाना सरकार की महिला-हितैषी सोच और संवेदनशीलता को दर्शाता है। जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है ताकि जिले के अंतिम छोर पर बैठी पात्र महिला तक भी योजना का लाभ समय पर और बिना किसी रुकावट के सीधे उसके खाते में पहुंचे।
प्रखंड और शहरी क्षेत्रों में व्यापक कवरेज
रांची जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों ही अंचलों में योजना का व्यापक असर देखने को मिला है। जिले के सभी प्रखंडों और नगर निकायों में लाभार्थियों की संख्या संतुलित रूप से सामने आई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कांके प्रखंड में सबसे अधिक 31,502 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है, जबकि टाउन अर्बन क्षेत्र में 25,891 और मांडर में 22,933 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इसके अलावा सिल्ली (21,282), बेड़ो (20,562), रातू (20,290), चान्हो (19,332), तमाड़ (18,751), नगड़ी (18,250), नामकुम (17,958), ओरमांझी (17,840) और बुढ़मू (17,765) जैसे प्रमुख प्रखंडों में भी हजारों बहनों के खातों में राशि अंतरित हुई है।
शहरी और कस्बाई इलाकों में भी प्रशासन ने तेजी दिखाई है; हेहल शहरी क्षेत्र में 16,308, अरगोड़ा में 13,347, बड़गाईं में 10,042, सोनाहातू में 13,088, लापुंग में 11,784, इटकी में 10,135, खलारी में 9,597, राहे में 9,531, नामकुम शहरी क्षेत्र में 9,504, बुंडू में 8,556, नगड़ी शहरी क्षेत्र में 8,216, बुंडू नगर पंचायत में 3,558 तथा कांके शहरी क्षेत्र में 1,280 महिलाओं तक सम्मान राशि पहुंचाई गई है। त्योहारों की इस पावन बेला पर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना ने न केवल आर्थिक तंगी की चिंता दूर की है, बल्कि राज्य की महिलाओं को यह अहसास भी कराया है कि उनकी आत्मनिर्भरता और सम्मान ही सशक्त समाज की असली नींव है।







