Gayaji: सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ के भक्त अलग-अलग तरह से अपनी आस्था प्रकट करते हैं। कोई छोटी कांवर लेकर बाबा के दरबार पहुंचता है तो कोई विशाल कांवर के साथ यात्रा करता है। इस बार गया जिले के गुरारू निवासी सुदर्शन कुमार ने करीब 30 फीट लंबी और डेढ़ क्विंटल से अधिक वजनी कांवर तैयार की है, जिसे लेकर वह अपने साथियों के साथ करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे।
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यह कांवर यात्रा देवघर नहीं, बल्कि गया जिले के गुरुआ स्थित बैजू धाम पहुंचेगी। स्थानीय लोग बैजू धाम को गया का ‘मिनी देवघर’ भी कहते हैं। सुदर्शन कुमार अपने आठ से 10 साथियों के साथ वहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
300 लीटर गंगाजल लेकर निकलेंगे कांवरिया
सावन की पहली सोमवारी को लेकर इस अनोखी कांवर यात्रा की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। करीब 30 फीट लंबी कांवर को विशेष रूप से सजाया गया है। इसकी सजावट के लिए जरूरी सामान सुल्तानगंज से मंगाया गया है। जल भी सुल्तानगंज से ही लाया गया है। करीब 300 लीटर गंगाजल के साथ कांवर यात्रा 2 अगस्त को दिन में गुरारू के नकटी पुल से शुरू होगी। इसके बाद कांवरिया करीब 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रात में गुरुआ स्थित बैजू धाम पहुंचेंगे। अगले दिन सावन की पहली सोमवारी की सुबह भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।
1996 से देवघर जाते रहे हैं सुदर्शन कुमार
सुदर्शन कुमार ने बताया कि वह वर्ष 1996 से डाक बम के रूप में देवघर जाते रहे हैं। पिछले करीब तीन वर्षों से उनके मन में कुछ अलग और अनोखा करने का विचार था। इसी सोच के साथ उन्होंने इस बार अपने साथियों के सहयोग से 30 फीट लंबी कांवर तैयार की है। सुदर्शन के मुताबिक, कांवर तैयार करने में अब तक करीब 25 से 30 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। वह छोटे-मोटे शादी-विवाह समारोहों में कैमरा रिकॉर्डिंग का काम करते हैं और उसी से होने वाली कमाई से उन्होंने कांवर तैयार की है।
कांवर को कंधा देना है तो मानना होगा यह नियम

इस कांवर यात्रा में सुदर्शन कुमार के ग्रुप के आठ से 10 साथी शामिल रहेंगे। रास्ते में अगर कोई श्रद्धालु विशाल कांवर को कंधा देना चाहता है तो वह भी इसमें शामिल हो सकता है, लेकिन इसके लिए एक विशेष नियम रखा गया है। सुदर्शन कुमार के अनुसार, कांवर को कंधा देने वाले श्रद्धालुओं को फलाहार पर रहना होगा। नमक का सेवन करने वाले व्यक्ति को कांवर में कंधा लगाने की अनुमति नहीं होगी।
अगले साल 52 फीट की कांवर निकालने की तैयारी
सुदर्शन कुमार का कहना है कि अगर इस बार 30 फीट लंबी कांवर यात्रा सफल रही तो अगले साल इससे भी बड़ी 52 फीट लंबी कांवर निकालने की तैयारी की जाएगी। इस कांवर में गया की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर और मां मंगला गौरी मंदिर की झलक भी दिखाई जाएगी। इस सावन गया में निकलने वाली 30 फीट लंबी और डेढ़ क्विंटल से अधिक वजनी कांवर 300 लीटर गंगाजल के साथ करीब 30 किलोमीटर का सफर तय कर बैजू धाम पहुंचेगी। वहां सावन की पहली सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।




