पटना : बिहार में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए चलाए जा रहे जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत पिछले करीब सात वर्षों में 27,036 सार्वजनिक तालाबों और पोखरों का जीर्णोद्धार किया गया है। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस अभियान में ग्रामीण विकास विभाग समेत चार विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
इस अभियान में ग्रामीण विकास विभाग की सबसे बड़ी भूमिका रही है। विभाग ने अब तक 25,130 जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार कराया है। इसके अलावा लघु जल संसाधन विभाग ने 1,568, नगर विकास एवं आवास विभाग ने 280 और पंचायती राज विभाग ने 18 तालाबों व पोखरों का जीर्णोद्धार किया है।
जल संरक्षण के साथ पर्यावरण पर भी जोर
जल-जीवन-हरियाली अभियान का उद्देश्य तालाब, पोखर, पइन, आहर और कुओं जैसी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और निर्माण करना है। इसके साथ ही सार्वजनिक जलस्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उनके आसपास पौधरोपण पर भी जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान से कई इलाकों में भूजल स्तर सुधारने में मदद मिली है। इसके अलावा सिंचाई, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ है। बिहार में हरित आवरण करीब 9 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी तक पहुंच गया है। इसे आगे बढ़ाकर 30 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है।
2026-27 में 662 तालाबों का लक्ष्य
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 662 तालाबों और पोखरों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य रखा गया है। विभिन्न विभागों की ओर से 723 स्थानों पर काम शुरू कराया गया है। इनमें से अब तक 628 जल संरचनाओं का काम पूरा हो चुका है। बाकी स्थानों पर भी काम तेजी से चल रहा है।
विभागवार देखें तो ग्रामीण विकास विभाग ने 541 के लक्ष्य के मुकाबले 669 कार्य शुरू किए हैं। इनमें 581 कार्य पूरे हो चुके हैं। लघु जल संसाधन विभाग ने 21 में से 20 कार्य पूरे कर लिए हैं। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग ने 33 के लक्ष्य के मुकाबले 27 तालाबों का जीर्णोद्धार पूरा किया है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी अभियान
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान से बिहार में जल और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है। पुराने तालाबों और पोखरों को पुनर्जीवित करने से भूजल स्तर में सुधार हो रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा अभियान है।



