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10 फरवरी को 619 बूथों पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, सभी धर्मों से भागीदारी की अपील

रांची। फाइलेरिया (हाथीपाँव) जैसी गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी के उन्मूलन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में गुरुवार को ऑनलाइन माध्यम से Mass Drug Administration (MDA) District Co-Ordination Committee की बैठक आयोजित

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रांची। फाइलेरिया (हाथीपाँव) जैसी गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी के उन्मूलन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में गुरुवार को ऑनलाइन माध्यम से Mass Drug Administration (MDA) District Co-Ordination Committee की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के राहे, सोनाहातू, तमाड़ एवं कांके क्षेत्रों में कुल 619 बूथों पर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि DEC और एल्बेंडाजोल दवाएँ पूरी तरह सुरक्षित, निःशुल्क एवं प्रभावी हैं। जो लोग 10 फरवरी को दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 25 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। जिले में लगभग 4.91 लाख लक्षित आबादी को इस अभियान से आच्छादित किया जाना है।

उपायुक्त ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोगों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया, ग्रामसभाओं और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।

इस अभियान में JSLPS (जीविका) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उपायुक्त ने घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला समूहों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त ने सभी विभागों, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों और समुदाय के लोगों से अपील की— “आइए, मिलकर रांची जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाएं और आने वाली पीढ़ियों को इस विकलांगता से बचाएं।”

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