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Epstein Files: 30 लाख पन्नों पर नया खुलासा, छिपाए गए नामों से मचा भूचाल

Washington, (US): कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी गोपनीय फाइलों ने अमेरिका में एक बार फिर राजनीतिक भूचाल ला दिया है। इस बार मामला बेहद गंभीर है क्योंकि दो अमेरिकी सांसदों—डेमोक्रेट रो खन्ना और रिपब्लिकन थॉमस मैसी—ने सीधे न्याय विभाग पर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने

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Washington, (US): कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी गोपनीय फाइलों ने अमेरिका में एक बार फिर राजनीतिक भूचाल ला दिया है। इस बार मामला बेहद गंभीर है क्योंकि दो अमेरिकी सांसदों—डेमोक्रेट रो खन्ना और रिपब्लिकन थॉमस मैसी—ने सीधे न्याय विभाग पर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने का आरोप लगाया है। दोनों सांसदों ने खुद न्याय विभाग पहुंचकर बिना सेंसर किए गए दस्तावेजों की समीक्षा की, जिसके बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

6 नए रईसों के नाम उजागर

सांसदों के अनुसार, सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में जिन नामों को ‘रेडक्टेड’ यानी काला कर छिपा दिया गया था, उनमें छह प्रभावशाली हस्तियां शामिल हैं:

  • अरबपति कारोबारी लेस्ली वेक्सनर

  • निकोला कापुतो

  • लिओनिक लिओनोव

  • जुराब मिकेलाद्ज़े

  • सुल्तान अहमद बिन सुलेयम

  • साल्वातोर नुआरा

रो खन्ना ने ‘एक्स’ पर सवाल उठाया कि यदि वे खुद विभाग न जाते, तो क्या दुनिया को इन नामों का पता कभी चल पाता? उन्होंने दावा किया कि करीब 30 लाख पन्नों के कुल दस्तावेजों में से 70 से 80 फीसदी हिस्सा अब भी पढ़ने योग्य नहीं छोड़ा गया है।

330 गैलन तेजाब की रसीद और सबूत मिटाने का शक

दस्तावेजों में सबसे डरावना खुलासा 330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड की खरीद को लेकर हुआ है। रिकॉर्ड बताते हैं कि 12 जून 2018 को एपस्टीन के निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ पर 55-55 गैलन के छह ड्रम तेजाब पहुँचाए गए थे। यह ठीक वही दिन था जब एफबीआई (FBI) ने आधिकारिक तौर पर एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की जांच शुरू की थी।

सोशल मीडिया पर इस ‘संयोग’ ने बहस छेड़ दी है कि क्या इतनी भारी मात्रा में एसिड का इस्तेमाल सबूतों या जैविक साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए किया गया था? हालांकि, पुराने ईमेल इसे आरओ प्लांट के रखरखाव से जोड़ते हैं, लेकिन सांसदों का कहना है कि टाइमिंग बेहद संदिग्ध है।

ट्रांसपेरेंसी एक्ट का उल्लंघन?

सांसद रो खन्ना ने आरोप लगाया कि ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के बावजूद एफबीआई ने कुछ फाइलों को “स्क्रब” (साफ) कर दिया है। 2019 में जेल में एपस्टीन की संदिग्ध मौत के बाद भी, उसके पास आने-जाने वाले वीवीआईपी लोगों की सूची का पूरी तरह सार्वजनिक न होना अमेरिकी न्याय प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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