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झारखंड में ऊर्जा क्रांति: 24 घंटे निर्बाध बिजली, 200 यूनिट मुफ्त और 3 नए स्मार्ट ग्रिड

जले ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलेंगे, अस्पतालों में ड्यूल लाइन और 35% रिक्तियों पर तत्काल होगी भर्ती

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रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों और महत्वपूर्ण योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और सुलभ बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों को जोड़कर बिजली आपूर्ति, ग्रिड स्थापना और उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।

200 यूनिट मुफ्त बिजली और उपभोक्ता हित को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना’ का लाभ प्रत्येक पात्र उपभोक्ता तक पारदर्शी और सुगम तरीके से पहुंचे। इस योजना से लाखों परिवारों को सीधी आर्थिक राहत मिल रही है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर जलने या खराब होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और डिजिटल माध्यमों से त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

                       मोनोपोल (Monopole)

रांची में बनेंगे 3 नए स्मार्ट ग्रिड और आधुनिक नेटवर्क

बिजली वितरण प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए राजधानी रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि ये स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नए सब-स्टेशनों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे लोड मैनेजमेंट आसान होगा और ऊर्जा की बर्बादी रुकेगी।

संचरण नेटवर्क (Transmission Network) को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए पारंपरिक चार-पोल संरचनाओं की जगह कम जगह घेरने वाले ‘मोनोपोल’ (Monopole) जैसी उन्नत तकनीक को अपनाने पर जोर दिया गया है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस तकनीक से दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।

अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली और ड्यूल लाइन व्यवस्था

स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के सभी सरकारी और प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अस्पतालों में ‘ड्यूल लाइन’ (Double Line) व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि किसी एक लाइन में तकनीकी खराबी आने पर तत्काल दूसरी लाइन से बिजली चालू रहे और आईसीयू (ICU), ऑपरेशन थिएटर व आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।

जलविद्युत, फ्लोटिंग सोलर और सोलर फार्मिंग से बढ़ेगा उत्पादन

राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेष जोर दिया गया है:

  • जलविद्युत व सिकिदिरी प्लांट: हुंडरू और जोन्हा जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों व जलाशयों में वैज्ञानिक अध्ययन कराकर कम जल उपलब्धता में भी अधिकतम जलविद्युत उत्पादन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण पर कार्य होगा।

  • फ्लोटिंग एवं रूफटॉप सोलर: जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पैनल और सरकारी व निजी भवनों पर रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाएगी।

  • किसानों के लिए सोलर फार्मिंग: राज्य की अनुपयोगी व बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को सब्सिडी और तकनीकी सहायता दी जाएगी और उनसे उत्पादित बिजली की सरकारी खरीद की पारदर्शी व्यवस्था बनेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

AI आधारित मॉनिटरिंग और ऊर्जा विभाग में नियुक्तियां

ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और उसके सहायक निगमों में रिक्त पदों पर जल्द बहाली के निर्देश दिए हैं। प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के समक्ष लाने को कहा गया है। इन पदों पर होने वाली नियुक्तियों से प्राप्त जनशक्ति को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण और पंचायत स्तर तक तैनात किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर बिजली संबंधित समस्याओं का त्वरित निपटारा हो सके।

ग्रिड निर्माण की बाधाएं 10 दिनों में दूर करने का अल्टीमेटम

बैठक में बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के उपायुक्तों एवं वन अधिकारियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने पावर ग्रिड व ट्रांसमिशन लाइन निर्माण में आ रही भूमि हस्तांतरण व वन स्वीकृति संबंधी समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी अंतर-विभागीय बाधाओं को अगले 10 दिनों के भीतर सुलझाने का सख्त निर्देश दिया, ताकि सभी परियोजनाएं समयसीमा में पूरी हो सकें। उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन सहित निगमों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

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