Ranchi: आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को राजधानी रांची में जोरदार लोकभवन मार्च निकाला। ऐतिहासिक बापू वाटिका से शुरू हुए इस विशाल मार्च में पार्टी के शीर्ष नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न जिलों से पहुंचे OBC समाज के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और इस मांग को अविलंब केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया।
प्रमाणिक आंकड़ों के बिना सही नीतियां संभव नहीं: केशव महतो कमलेश
मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने किया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने स्पष्ट किया कि जातीय जनगणना को महज आंकड़े जुटाने की कवायद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक OBC की वास्तविक आबादी और उनकी सटीक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के प्रामाणिक आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक उनके उत्थान के लिए ठोस नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं तैयार करना संभव नहीं होगा।
सामाजिक न्याय और समान अवसर की मजबूत पहल: मंत्रीगण
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम की यह मांग सीधे तौर पर सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ी हुई है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के बजट निर्धारण के लिए विश्वसनीय डेटा होना बेहद अनिवार्य है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जोर देकर कहा कि जातीय जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट गणना होने से समुदाय की वास्तविक संख्या सामने आएगी, जिससे संसाधनों का उचित वितरण हो सकेगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी इसे उचित राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विषय बताया।
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा संघर्ष
प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रभारी योगेंद्र योगी ने कहा कि पार्टी इस जायज मांग को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी आबादी के अनुपात में प्रमाणिक आंकड़े जुटाने की मांग का पूरा समर्थन किया। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि आगामी डिजिटल व सामान्य जनगणना प्रपत्र में ओबीसी के लिए एक अलग स्वतंत्र कॉलम और कोड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




