Jamshedpur : शहर में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण और आपराधिक घटनाओं के बाद आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया है। बुधवार को एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब की अध्यक्षता में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में शहर में 300 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया। नए कैमरे मुख्य रूप से शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों और वारदात के बाद शहर से निकलने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
एसएसपी ने बताया कि शहर में पहले से लगे सरकारी सीसीटीवी कैमरों में चार-पांच कैमरे खराब हैं। इन्हें भी जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। नए कैमरों के जरिए शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले वाहनों तथा संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। इससे अपराध के बाद फरार होने वाले आरोपियों को ट्रेस करने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधान अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने तथा नए मामलों में साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया, ताकि अदालत में मामलों की प्रभावी पैरवी हो सके।
आगामी दुर्गापूजा, कर्मा पूजा और छठ पूजा को देखते हुए भी पुलिस ने सुरक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सभी थाना क्षेत्रों में अलग-अलग बैठक कर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए नए ट्रैफिक सुरक्षा प्लान पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने बताया कि जल्द ही सड़क सुरक्षा को लेकर अलग बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था और दुर्घटना वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए नया प्लान तैयार किया जाएगा।
एसएसपी के अनुसार, पिछले दो महीनों में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने करीब 200 किलोग्राम गांजा और 100 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया है। तस्करी में शामिल 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 15 अवैध हथियार बरामद करते हुए 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि एसएसपी कार्यालय और विभिन्न थानों में करीब 7000 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। घरेलू विवाद से संबंधित 661 शिकायतों में 558 का समाधान किया जा चुका है।




