Patna: बिहार में गन्ने की खेती और चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर कार्ययोजना तैयार की है। विकास भवन स्थित कार्यालय में शुक्रवार को ईखायुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में त्रिस्तरीय गन्ना बीज उत्पादन कार्यक्रम को मजबूत करना और गन्ने के क्षेत्रफल का विस्तार करना है।
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बिहार गन्ना निवेश प्रोत्साहन नीति-2026
बैठक में ‘बिहार गन्ना निवेश प्रोत्साहन नीति-2026’ पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने, नई चीनी मिलें स्थापित करने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने और क्षेत्रफल में विस्तार के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और रोगमुक्त बीज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
भागलपुर में 30 हजार हेक्टेयर में गन्ने की खेती का लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार, भागलपुर जिले के पीरपैंती और अमरपुर क्षेत्रों में किसान पहले से ही गन्ने की खेती और गुड़ उत्पादन से जुड़े हैं। इन इलाकों में भविष्य में चीनी मिल स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिसके लिए सालाना 40 से 50 लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत होगी। इस मांग को पूरा करने के लिए क्षेत्र में लगभग 30 हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ने की खेती का विस्तार किया जाएगा।
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सबौर कृषि विश्वविद्यालय तैयार करेगा टिश्यू कल्चर प्लांटलेट
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबौर कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से एक ‘मॉडल गन्ना उत्पादन कॉम्प्लेक्स’ विकसित करने का फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान ने इस पहल पर सहमति जताते हुए 10 से 15 एकड़ क्षेत्र में प्रजनक बीज (Breeder Seed) तैयार करने और टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से गन्ने के प्लांटलेट विकसित करने की बात कही है।
किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण
विश्वविद्यालय प्रशासन गन्ना विभाग के साथ मिलकर किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र, कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रचार वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएगा। वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार उन्नत बीज और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से राज्य के गन्ना किसानों की पैदावार और आमदनी दोनों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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