Patna: बिहार में पारंपरिक अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में हत्या के मामलों में 10.1 प्रतिशत, डकैती में 31.32 प्रतिशत और दंगा से जुड़े मामलों में 18.97 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य सरकार के अनुसार खुफिया तंत्र की सक्रियता के चलते सांप्रदायिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा है।
अपराधियों को सजा दिलाने में 25-30% की बढ़ोतरी
गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने जानकारी दी कि राज्य में अपराधियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा दिलाने का कार्य लगातार जारी है। इस वर्ष मई माह तक 64,733 मामलों में कुल 86,760 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है। इनमें दो अभियुक्तों को मृत्युदंड, 553 को आजीवन कारावास, 297 को 10 वर्ष से अधिक और 794 को 2 से 10 वर्ष तक की सजा मिली है। अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष सजा दिलाने की दर में पिछले वर्षों की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभावित है।
बिहार पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित
गृह सचिव ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियानों के प्रभावी संचालन से अब राज्य के सभी जिले नक्सल मुक्त हो चुके हैं। वर्ष 2013 में जहां 22 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं अब किसी भी जिले में नक्सली प्रभाव नहीं बचा है। केंद्र सरकार ने औरंगाबाद, गयाजी, जमुई और लखीसराय को ‘लीगेसी एवं थ्रस्ट’ जिलों के रूप में चिन्हित किया है, जहां विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इस वर्ष अब तक 58 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है और मुठभेड़ की कोई घटना सामने नहीं आई है।
पुलिस व्यवस्था में बदलाव और नए संसाधन
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान पुलिस रेंज व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी जोनल व्यवस्था को फिर से लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ‘पुलिस दीदी’ को जल्द 1500 स्कूटी और अन्य पुलिसकर्मियों को आगामी 2-3 महीनों में 3100 मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी।
साइबर अपराध पर कार्रवाई और रिकवरी में अग्रणी
डीजीपी के अनुसार बिहार के सभी जिलों में साइबर थाने कार्यरत हैं, जहां सालाना औसतन 7 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज होती हैं। राज्य में ठगी गई राशि का 16 प्रतिशत रिकवर कर पीड़ितों को लौटाया जा रहा है। ‘साइबर प्रहार’ अभियान के तहत इस वर्ष जुलाई तक 193 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। वहीं साइबर थानों में दर्ज 2,942 मामलों में अब तक कुल 522 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
पुलिस बल की संख्या बढ़कर 1.21 लाख हुई
राज्य में पुलिस बल की कुल संख्या बढ़कर 1.21 लाख हो गई है। हाल ही में 19,800 नए सिपाहियों ने योगदान दिया है, जिनका प्रशिक्षण 17 अगस्त से शुरू होगा। इसके अलावा 4,630 चालक सिपाही सहित 26 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के 18 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है, जबकि 15 अगस्त को राज्य स्तर पर 7 पुलिसकर्मियों को 51 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।





