फॉण्ट कनवर्टर NEW

वर्दी में मुंडन और नम आंखें; CISF बेटी ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि

India News: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समाज की सदियों पुरानी रूढ़ियों को एक झटके में तोड़ दिया। गंगोलीहाट तहसील के ग्राम सिमलकोट (ऊकाला) निवासी पूर्व सैनिक किशन कन्याल के निधन के बाद उनकी सात बेटियों ने

अपनी भाषा में पढ़ें

India News: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समाज की सदियों पुरानी रूढ़ियों को एक झटके में तोड़ दिया। गंगोलीहाट तहसील के ग्राम सिमलकोट (ऊकाला) निवासी पूर्व सैनिक किशन कन्याल के निधन के बाद उनकी सात बेटियों ने न केवल अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि श्मशान घाट पर मुखाग्नि देकर पुत्र का धर्म भी निभाया।

परंपरा बनाम प्रेम: जब बेटियों ने संभाली जिम्मेदारी

पूर्व सैनिक किशन कन्याल का निधन हल्द्वानी ले जाते समय रास्ते में हो गया था। परिवार में कोई बेटा न होने के कारण अंतिम संस्कार की रस्मों को लेकर ग्रामीण और परिजन असमंजस में थे। लेकिन शोक के उस माहौल में किशन कन्याल की सातों बेटियां—शोभा, चांदनी, किरण, नेहा, बबली, मंजू और दिव्यांशी—एक ढाल बनकर खड़ी हो गईं। उन्होंने समाज की पुरानी परंपराओं को दरकिनार करते हुए फैसला किया कि वे अपने पिता की अंतिम यात्रा को खुद पूरा करेंगी।

CISF जवान बेटी ने वर्दी में कराया मुंडन

किशन कन्याल की तीसरी बेटी किरण, जो वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में तैनात हैं, ने इस भावुक पल में अद्भुत साहस का परिचय दिया। किरण ने बेटे की तरह अपना मुंडन कराया और अपनी सर्विस वर्दी में ही पिता की अर्थी को कंधा दिया। रामेश्वर श्मशान घाट पर जब किरण और उसकी बहनों ने एक साथ पिता की चिता को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की जीवंत मिसाल

ग्रामीणों ने बेटियों के इस कदम को ऐतिहासिक बताया है। लोगों का कहना है कि यह घटना केवल एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। श्मशान घाट पर अपनी ड्यूटी और अपनी भावनाओं को एक साथ निभाने वाली किरण ने साबित कर दिया कि वह देश की रक्षा के साथ-साथ अपने कुल की मर्यादा भी बखूबी जानती हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram