फॉण्ट कनवर्टर NEW

‘मनरेगा’ का नाम बदलने पर भड़के हेमंत, बोले- गांधी की सोच मिटा रही केंद्र

रांची: झारखंड की सियासत में एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच तलवारें खिंच गई हैं। इस बार विवाद की जड़ है केंद्र सरकार द्वारा “मनरेगा” (MNREGA) कानून में बदलाव और उसका नाम बदलने का प्रस्तावित बिल। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर तीखी

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: झारखंड की सियासत में एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच तलवारें खिंच गई हैं। इस बार विवाद की जड़ है केंद्र सरकार द्वारा “मनरेगा” (MNREGA) कानून में बदलाव और उसका नाम बदलने का प्रस्तावित बिल। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी की विचारधारा को खत्म करने और मजदूरों के अधिकारों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने का आरोप लगाया है।

गांधी बनाम ‘जी राम जी’: विचारधारा की लड़ाई

मुख्यमंत्री ने रांची में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले 11 सालों से देश में बापू की सोच को सुनियोजित तरीके से मिटाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों केंद्र सरकार मजदूरों के हक वाले कानून से गांधी जी का नाम हटाकर उसे धर्म विशेष का नाम देना चाहती है। सोरेन ने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि गरीबी उन्मूलन और विकेंद्रीकरण की उस सोच को खत्म करना है जिसे गांधी जी ने संजोया था। प्रस्तावित “विकसित भारत-जी राम जी” योजना को उन्होंने काम के अधिकार को समाप्त करने वाला कदम बताया।

बजट कटौती और राज्यों के अधिकारों का हनन

हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि नए बिल के जरिए केंद्र सरकार यह तय करने का अधिकार अपने पास रखना चाहती है कि योजना कहां लागू होगी और कहां नहीं। उन्होंने कहा कि साल में दो महीने काम रोकने का प्रस्ताव और राज्यों पर 40% खर्च का बोझ डालना असल में इस योजना को ही मार देने की साजिश है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि एक तरफ केंद्र झारखंड का $1.36$ लाख करोड़ रुपये का खनिज बकाया नहीं दे रही है, और दूसरी तरफ अब गरीब मजदूरों की मजदूरी में भी कटौती की तैयारी है।

सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि झारखंड की सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों की सरकार है। उन्होंने कहा, “मनरेगा कानून संसद में सर्वसम्मति से बना था, इसे कोई अकेले खत्म नहीं कर सकता।” सोरेन ने ऐलान किया कि यदि मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों के साथ छेड़छाड़ हुई, तो झारखंडी मजदूर और उनकी सरकार चुप नहीं बैठेगी। इसके खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक जोरदार संघर्ष किया जाएगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram