Patna: बिहार में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘पुलिस दीदी’ अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत पहले चरण में राज्य के सभी जिलों में 1,408 स्कूटी सवार पुलिस दीदियों की टीम तैनात की गई है। ये पुलिसकर्मी महिला कॉलेज, स्कूल, छात्रावास, अस्पताल, पार्क, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पेट्रोलिंग करेंगी। छेड़खानी, पीछा करने, महिलाओं को परेशान करने या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस दीदियां मौके पर पहुंचकर आवश्यक पुलिस कार्रवाई में सहयोग करेंगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ जरूरत के समय त्वरित पुलिस सहायता देना है।
स्कूल-कॉलेज से बाजार तक होगी पेट्रोलिंग
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगस्त 2026 में शुरू की गई इस पहल के तहत पुलिस दीदियों को खास तौर पर ऐसे स्थानों पर तैनात किया जा रहा है, जहां महिलाओं और बालिकाओं की नियमित आवाजाही होती है। महिला कॉलेज, स्कूल, महिला छात्रावास, अस्पताल, पार्क और बाजार जैसे स्थानों पर स्कूटी से पेट्रोलिंग की जाएगी। इससे इन क्षेत्रों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ेगी और शिकायत मिलने पर मौके तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
छेड़खानी और पीछा करने की शिकायत पर तत्काल मदद
पुलिस दीदियों की जिम्मेदारी सिर्फ पेट्रोलिंग तक सीमित नहीं होगी। छेड़खानी, पीछा करने या महिलाओं को परेशान करने की शिकायत मिलने पर वे मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में सहयोग करेंगी। इसके अलावा महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, पुलिस सहायता और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
महिला हॉस्टल और कॉलेज में जागरूकता पर जोर
राजधानी के पत्रकार नगर थाना में तैनात एसआई अंकिता ने बताया कि अभियान के तहत महिला हॉस्टल, स्कूल, कॉलेज और पीजी में रहने वाली लड़कियों को सुरक्षा के साथ जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह है कि किसी समस्या की स्थिति में छात्राएं और महिलाएं पुलिस से सीधे सहायता मांग सकें। उनके अनुसार, इससे महिला सुरक्षा के साथ आत्मबल बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में तेजी से कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।
‘पुलिस दीदी’ आशा ने बताया नया प्रारूप
अभियान में शामिल पुलिस दीदी आशा कुमारी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह एक नया प्रारूप है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य महिलाओं को बाहर के साथ-साथ घर के भीतर होने वाली प्रताड़ना की स्थिति में भी पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में इस पहल से महिलाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पहले चरण में 1,408 पुलिस दीदियों की टीम
रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त महीने में राज्य के सभी जिलों में 1,408 स्कूटी सवार पुलिस दीदियों की टीम तैनात की गई। महिला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में शुरू इस अभियान के तहत पुलिस दीदियां सार्वजनिक स्थानों पर पेट्रोलिंग के साथ महिलाओं को सुरक्षा और पुलिस सहायता से संबंधित जानकारी भी देंगी। पहल का फोकस महिलाओं और बालिकाओं को जरूरत के समय त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर है।



