हज़ारीबाग: उत्तरी झारखंड के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान संत कोलंबस महाविद्यालय, हज़ारीबाग के उर्दू विभाग में 5 सितंबर 2026 को ‘शिक्षक दिवस’ अत्यंत उत्साह, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह के दौरान देश के महान शिक्षाविद, प्रख्यात दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं उर्दू विभाग के प्राध्यापक डॉ. जमाल अहमद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान देने का काम नहीं करता, बल्कि वह स्वयं भी हर दिन अपने विद्यार्थियों से बहुत कुछ सीखता है। उन्होंने गुरु और शिष्य के संबंध को ज्ञान के निरंतर और अटूट आदान-प्रदान का माध्यम बताया।
समारोह में अपने विचार रखते हुए प्राध्यापक डॉ. सरवर अली ने कहा कि एक सच्चा शिक्षक मोमबत्ती के समान होता है, जो स्वयं जलकर अपने विद्यार्थियों के भविष्य के रास्ते को रोशनी से भर देता है। वहीं, डॉ. सना ख़ान ने शिक्षक के पेशे को सबसे गौरवमयी दायित्व बताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को गढ़ना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और अपने गुरुओं के प्रति आभार जताया। आयोजन को सफल बनाने में माही, परी, मो. शरीक, शाहबाज़ आलम, असगर अतीक, निखत परवीन, आयशा, आलिया और इमरान सहित कई विद्यार्थियों की सराहनीय भूमिका रही।





