Patna: संत श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू हुआ संत श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान अब जागरूकता से आगे बढ़कर सरकारी योजनाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के चरण में प्रवेश कर रहा है। 18 से 20 अगस्त तक चल रही तीन दिवसीय कलश यात्रा के बाद अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों की मैपिंग और परिवारवार जरूरतों का आकलन किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अनुसूचित जाति टोलों में कितने परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और कितने पात्र परिवार अब भी योजनाओं या बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
कलश यात्रा के बाद होगी टोलों की मैपिंग
बुधवार को मुंगेर, खगड़िया, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्णिया, कैमूर, भागलपुर, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, नालंदा, सारण, नवादा और भोजपुर समेत कई जिलों में कलश यात्राएं निकाली गईं। इन यात्राओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। अब अभियान के अगले चरण में चिह्नित अनुसूचित जाति टोलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। परिवारवार स्तर पर यह देखा जाएगा कि लोगों को किन सरकारी सुविधाओं की जरूरत है और कौन-कौन से पात्र परिवार अब तक योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं।
राशन से लेकर आवास और स्वास्थ्य तक होगा आकलन
मैपिंग के दौरान परिवारों की बुनियादी जरूरतों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसमें मुख्य रूप से:
- राशन कार्ड और आवास की स्थिति
- बिजली और पेयजल की उपलब्धता
- स्वास्थ्य सुविधाएं और आयुष्मान कार्ड
- बच्चों की शिक्षा और आंगनबाड़ी सेवाएं
- रोजगार और कौशल प्रशिक्षण
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन
- वास-भूमि और अन्य सरकारी सुविधाएं
शामिल हैं।
इससे यह भी पता लगाया जाएगा कि किन परिवारों को आयुष्मान कार्ड, आवास योजना या सामाजिक सुरक्षा पेंशन की जरूरत है और किन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा सकता है।
शत-प्रतिशत संतुष्टि का लक्ष्य
अभियान को सिर्फ सरकारी योजनाओं के प्रचार तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसका लक्ष्य शत-प्रतिशत संतुष्टि हासिल करना है। इसके तहत चिह्नित अनुसूचित जाति टोलों में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ बुनियादी सुविधाओं की कमियों को भी चिन्हित किया जाएगा। टोलेवार और परिवारवार आंकड़ों से प्रशासन को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में किस योजना की सबसे ज्यादा जरूरत है और सरकारी योजनाओं की वास्तविक पहुंच कितनी है।
27 अगस्त से हर गुरुवार लगेंगे श्री संत रविदास विकास शिविर
अभियान का अगला प्रमुख चरण 27 अगस्त 2026 से शुरू होगा। इसके तहत 27 अगस्त से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को अनुसूचित जाति टोलों या क्लस्टर के पास सरकारी भवनों अथवा मैदानों में श्री संत रविदास विकास शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में अलग-अलग विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। शिविरों में मौके पर आवेदन, दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया और पात्र लाभुकों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
22 योजनाओं और सेवाओं पर रहेगा फोकस
विकास शिविरों में कुल 22 प्रमुख योजनाओं और सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें:
- राशन कार्ड और उज्ज्वला योजना
- शिक्षा में दाखिला और आंगनबाड़ी सेवाएं
- जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और आधार कार्ड
- कुशल युवा कार्यक्रम
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता
- ई-श्रम/श्रमिक कार्ड
- आयुष्मान भारत/स्वास्थ्य कार्ड
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- वास-भूमि बंदोबस्ती
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन
- हर घर नल-जल
- पक्की गली-नाली
- मनरेगा जॉब कार्ड
- जन-धन खाता
- जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा
- बिजली कनेक्शन
- जीविका समूह
- लोहिया स्वच्छता अभियान
जैसी योजनाएं और सेवाएं शामिल हैं।
जागरूकता से योजनाओं के लाभ तक पहुंचेगा अभियान
संत श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान को तीन स्तरों में आगे बढ़ाया जा रहा है—जागरूकता, जरूरतों की पहचान और योजनाओं का लाभ दिलाना।
कलश यात्रा के जरिए अभियान का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के बाद अब प्रशासन का जोर पात्र परिवारों की पहचान और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर रहेगा। विकास शिविरों के जरिए योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े परिवारों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।




