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रांची में बड़ी कार्रवाई: पिठौरिया फायरिंग कांड का खुलासा, दो शूटर अरेस्ट!

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके पिठौरिया में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पूरी तरह खुलासा कर दिया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने कड़ा एक्शन लेते हुए वारदात में शामिल दोनों मुख्य अभियुक्तों

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Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके पिठौरिया में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पूरी तरह खुलासा कर दिया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने कड़ा एक्शन लेते हुए वारदात में शामिल दोनों मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई 7.65 एमएम की लोडेड पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक पल्सर मोटरसाइकिल को भी विधिवत जब्त किया है।

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यह पूरा मामला बीते 2 जून 2026 की शाम करीब 6:00 बजे का है, जब मदनपुर कोकदोरो गांव के रहने वाले फिरोज अंसारी को निशाना बनाकर बाइक सवार दो अपराधियों ने जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में फिरोज अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित के फर्दबयान के आधार पर पिठौरिया थाने में कांड संख्या-63/26 के तहत बीएनएस (BNS) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की गई थी।

रांची एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम

वारदात की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम) अमर कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले नामजद आरोपी शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी को धर दबोचा। वहीं, पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार की जा रही छापेमारी को देखते हुए दूसरे मुख्य आरोपी अफसर अंसारी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसे पुलिस ने बाद में रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की।

भतीजे की हत्या का बदला और गवाही न देने का दबाव

पुलिस पूछताछ में इस खौफनाक हमले के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, साल 2022 में फिरोज अंसारी के सगे भतीजे की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी (पिठौरिया थाना कांड संख्या-169/22)। उस मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी यही अफसर अंसारी था, जो फिलहाल कोर्ट से जमानत पर बाहर घूम रहा था, जबकि उसका पिता इदुल अंसारी अब भी जेल में बंद है।

मृतक के चाचा फिरोज अंसारी अपने भतीजे के मर्डर केस में अदालत के भीतर अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाही देने पर अड़े हुए थे। आरोपी अफसर अंसारी लगातार फिरोज पर गवाही न देने का दबाव बना रहा था और ऐसा करने पर जान से मारने की धमकियां दे रहा था। जब फिरोज पीछे नहीं हटा, तो रास्ते से हटाने के लिए उस पर यह जानलेवा हमला कर दिया गया।

चोरी और गृहभेदन की कई अन्य वारदातों में भी संलिप्तता

पुलिस के सामने दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है। कड़ाई से की गई पूछताछ में उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि वे सिर्फ इस फायरिंग में ही नहीं, बल्कि पिठौरिया और कांके थाना क्षेत्रों में हुई चोरी व गृहभेदन (घर का ताला तोड़ने) की कई अन्य आपराधिक वारदातों में भी शामिल रहे हैं। पुलिस अब उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
  1. अफसर अंसारी (22 वर्ष): पिता इदुल अंसारी, निवासी- कोकदोरो, पिठौरिया, रांची। (इसके खिलाफ पहले से हत्या और चोरी के 4 गंभीर मामले दर्ज हैं)।

  2. शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी (23 वर्ष): पिता श्यामुल अंसारी, निवासी- कोकदोरो, पिठौरिया, रांची।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में वरीय डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय, सदर पश्चिमी अंचल के पुलिस निरीक्षक असीत कुमार मोदी, पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार, सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव, सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद और संजय कुमार समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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