Patna: बिहार में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण और उच्च शिक्षा के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार को बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद के कार्यालय में पटना वीमेंस कॉलेज और बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पर्षद के अध्यक्ष भारत ज्योति, उप निदेशक मिहिर कुमार झा, पटना वीमेंस कॉलेज के एनआईसीसीएस के डीन आलोक जॉन और प्राणी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुमीत रंजन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शोध और प्रशिक्षण के मिलेंगे नए अवसर
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक परियोजनाओं, शोध कार्यों, प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों में आपसी सहयोग करेंगे। इससे कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर शोध करने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। साथ ही, शोध आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और अकादमिक ज्ञान को वास्तविक पर्यावरणीय परिस्थितियों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
जन-जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर
समझौते के मुख्य उद्देश्यों में जैव विविधता संरक्षण से जुड़े जन-जागरूकता कार्यक्रमों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है। इन पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों की पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और समाज को जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। यह पहल राज्य में उच्च शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को एक नई दिशा प्रदान करेगी।




