Patna: राजधानी पटना से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों युवाओं की हुंकार गूंज रही है। मौका था गोला रोड स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ के भव्य शुभारंभ का। इस कार्यक्रम का दीप जलाकर उद्घाटन करते हुए बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र की परिभाषा और युवाओं के कर्तव्य पर तीखे और स्पष्ट तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र की नींव इसी बिहार की पावन धरती से पड़ी है और आज की ‘जेन-जी’ और ‘जेन अल्फा’ पीढ़ी को देश की रीढ़ बनकर लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करना होगा।
‘जनता मालिक है, हम भाग्य विधाता नहीं’
अपने आक्रामक और बेबाक अंदाज में बोलते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने राजनैतिक अहंकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक होती है और शासन हमेशा लोकलाज से चलता है।
जनता ने अगर हमें सेवा करने का मौका दिया है, तो इसका यह कतई मतलब नहीं है कि नेता खुद को जनता का ‘भाग्य विधाता’ समझने लगें। उन्होंने साफ किया कि जनहित में लिए गए फैसलों की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर फैसलों को वापस लेने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। राजतंत्र की सड़ी-गली सोच रखने वाले लोग कभी भी आम जनता की अपेक्षाओं और उनकी आवाज को नहीं समझ सकते, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपरि होती है।
बिजली सब्सिडी और विकास पर बड़ा संदेश
सीएम ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा रखते हुए एक अनोखी और प्रेरणादायक अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के करोड़ों गरीबों को पक्के मकान और मुफ्त राशन मिला है।
बिहार में भी हर वर्ग को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिस पर राज्य सरकार सालाना लगभग 23,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस दौरान सीएम ने समाज के सक्षम, संपन्न और आयकरदाता वर्ग से एक बड़ी अपील करते हुए कहा कि वे स्वेच्छा से इस मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ें और उस राशि को बिहार के और तेजी से विकास में अपना योगदान बनाएं।
शिक्षा, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ का जिक्र
युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के क्रांतिकारी कदमों की फेरिस्त गिनाई:
– स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: मेडिकल और इंजीनियरिंग समेत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिस पर हर साल करीब 18,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
– मॉडल स्कूल और ओपन यूनिवर्सिटी: राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल (सरस्वती विद्या निकेतन) खोले गए हैं, जहां 3.5 लाख से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं।
– रात 1:00 बजे भी मदद: छात्रों के लिए ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ लाया गया है, जिसके जरिए जरूरत पड़ने पर आधी रात को भी महज एक मिनट के भीतर शिक्षक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
आचार्य किशोर कुणाल को दी श्रद्धांजलि और दिग्गजों ने भरी हुंकार
कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम ने भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और प्रख्यात संत स्व. आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के आयोजक और संस्थापक सायन कुणाल तथा सांसद शांभवी चौधरी की इस पहल की सराहना करते हुए सीएम ने ऐलान किया कि ऐसे आयोजनों का सिलसिला हर साल चलना चाहिए ताकि युवा राजनीति और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़े रहें। इस महामंच पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, विधायक विशाल प्रशांत और सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी जंगम सुनील कुमार समेत तमाम गणमान्य लोग और हजारों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।






