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सावधान! FASTag एनुअल पास के नाम पर ठगी, NHAI ने जारी किया अलर्ट

India News: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने फास्ट टैग (FASTag) वार्षिक पास को लेकर लोगों को सतर्क कर दिया है। एनएचएआई ने चेतावनी दी है कि कुछ फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत प्लेटफॉर्म नकली फास्ट टैग (FASTag) एनुअल पास बेचने का दावा कर रहे

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India News: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने फास्ट टैग (FASTag) वार्षिक पास को लेकर लोगों को सतर्क कर दिया है। एनएचएआई ने चेतावनी दी है कि कुछ फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत प्लेटफॉर्म नकली फास्ट टैग (FASTag) एनुअल पास बेचने का दावा कर रहे हैं, जिससे लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि फास्ट टैग (FASTag) वार्षिक पास केवल उसके आधिकारिक राजमार्ग यात्रा एप के माध्यम से ही खरीदा जा सकता है, जो गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। एनएचएआई के अनुसार, कोई भी बाहरी एजेंसी या निजी वेबसाइट इस पास की बिक्री के लिए अधिकृत नहीं है।

ठगी से बचने के लिए क्या करें?

कुछ फर्जी प्लेटफॉर्म लिंक भेजकर लोगों से पैसे और निजी जानकारी मांग रहे हैं, जिसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसतरह के किसी भी लिंक पर क्लिक न करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई है। फास्ट टैग (FASTag) वार्षिक पास के तहत प्राइवेट कार, जीप और वैन के लिए 3,000 रुपये में सालभर का टोल पास उपलब्ध कराया गया है। इस एकमुश्त रिचार्ज पर वाहन चालक एक साल में अधिकतम 200 बार नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पार कर सकते हैं। 200 ट्रिप की सीमा पूरी होने के बाद पास को फिर रिचार्ज किया जा सकता है।

एनुअल पास को सक्रिय करने के लिए लिंक राजमार्ग यात्रा एप के साथ-साथ एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। जिन वाहनों में पहले से फास्ट टैग (FASTag) लगा है, उन्हें नया टैग खरीदने की जरूरत नहीं है। फास्ट टैग (FASTag) एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जो आरएफआईडी तकनीक के जरिए टोल शुल्क स्वतः काटती है। एनएचएआई ने नागरिकों से अपील की है कि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही फास्ट टैग (FASTag) वार्षिक पास खरीदें और किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी से बचें।

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