Patna: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर दिए गए हालिया बयान के बाद बिहार में नई राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व सीएम और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने 18 सितंबर को पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) की एक अहम बैठक बुलाई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पटना में होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से यूसीसी के मुद्दे पर चर्चा होने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा बैठक के एजेंडे में फरक्का जल संधि का विषय भी शामिल हो सकता है।
अमित शाह के ऐलान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
यह पूरा घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा। इस घोषणा के बाद से एनडीए के भीतर और सहयोगी दलों के बीच नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। जेडीयू अब तक इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद सतर्क और नपा-तुला रुख अपनाती रही है, इसलिए 18 सितंबर की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानून की जांच के बाद ही रुख तय करेगी जेडीयू: विजय चौधरी
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने पार्टी के रुख पर स्पष्टता देते हुए कहा कि पार्टी अपना अंतिम फैसला लेने से पहले प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट की पूरी जांच करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास अभी यूसीसी से जुड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी नहीं है। अगर इसमें कोई चिंताजनक बिंदु सामने आता है, तो उसे सीधे केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। विजय चौधरी ने आगे कहा कि इस मामले में किसी तरह की जल्दबाजी की जरूरत नहीं है; अगर कानून में कुछ आपत्तिजनक नहीं मिलता है, तो बिना वजह विरोध का सवाल ही नहीं उठता, और यदि कोई आपत्ति हुई तो केंद्र को अवगत कराया जाएगा।
अमित शाह से बातचीत करेंगे जेडीयू के शीर्ष नेता
जेडीयू के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट संजय कुमार झा ने भी संकेत दिए हैं कि पार्टी यूसीसी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से विस्तृत बातचीत करेगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में जेडीयू के 12 सांसद हैं और वह केंद्र में एनडीए सरकार का एक मजबूत घटक दल होने के साथ-साथ बिहार में भी बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चला रही है। ऐसे में यूसीसी पर पार्टी का अगला कदम काफी अहम माना जा रहा है।



