Patna: बिहार के कलाकारों और रंगमंच प्रेमियों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) की स्थापना पटना या इसके आसपास के क्षेत्र में की जाएगी, जिसके लिए केंद्र सरकार ने आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बुधवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में राज्य सरकार की ओर से केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर अब मुहर लग गई है।
गोलघर का जीर्णोद्धार और फिल्म निर्माण को बढ़ावा
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पटना के ऐतिहासिक गोलघर के पुनर्विकास और जीर्णोद्धार का कार्य अगले दो माह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, बिहार को ‘फिल्म-फ्रेंडली डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी राज्य में फिल्म निर्माण को लेकर सकारात्मक पहल की है और आवेदन मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति, 2024 के तहत अब तक 46 फिल्मों, 2 वेब सीरीज और 11 डॉक्यूमेंट्री समेत कुल 59 से अधिक परियोजनाओं को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है। फिल्म पोर्टल पर 862 कलाकार, 148 निर्माता और 29 सेवा प्रदाता पंजीकृत हो चुके हैं।
हर जिले में बनेंगे अटल कला भवन, 108 मीटर लंबी पेंटिंग का रिकॉर्ड
सांस्कृतिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य के सभी जिलों में 620 दर्शक क्षमता वाले ‘अटल कला भवन’ बनाए जा रहे हैं। इनमें से सारण, गया, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, मुंगेर और दरभंगा में निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बेतिया, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में 2200 दर्शक क्षमता वाले बड़े सभागार बनेंगे।
मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मधुबनी स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान द्वारा रामचरितमानस पर आधारित 108 मीटर लंबी मिथिला पेंटिंग बनाई गई है, जिसने विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इसके अलावा ग्रामीण कलाकारों को प्रशिक्षित करने के लिए ‘आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र’ चलाए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 3 हजार बच्चों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
वैशाली में स्तूप तैयार, 8 लाख पांडुलिपियों की पहचान
विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि वैशाली में 550.48 करोड़ रुपये की लागत से ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप’ का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा, राज्यव्यापी सर्वेक्षण में 8 लाख से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों को चिन्हित किया गया है। संग्रहालयों के कुशल संचालन के लिए 35 पदों पर संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है।




