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बारिश में सर्दी-खांसी और बुखार को न करें नजरअंदाज, जानें क्यों

बारिश के मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी; पर्याप्त आराम, हाइड्रेशन और बिना सलाह एंटीबायोटिक से बचने की सलाह।

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Health Adda: बारिश के दिनों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियां बेहद आम हो जाती हैं, लेकिन इस दौरान की गई छोटी-सी लापरवाही आपकी परेशानी को काफी बढ़ा सकती है। इन्हीं मौसमी समस्याओं में फ्लू भी शामिल है, जो एक वायरल संक्रमण है। यह नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इससे पूरी तरह उबरने के लिए शरीर को भरपूर आराम, पर्याप्त पानी और पौष्टिक खानपान की सख्त जरूरत होती है।

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फ्लू के प्रमुख लक्षण और खतरे के संकेत

फ्लू की चपेट में आने पर अचानक तेज बुखार, सूखी या बलगम वाली खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान महसूस होने लगती है। कई मरीजों में भूख की कमी भी देखी जाती है।

हालांकि अधिकांश लोग घरेलू देखभाल और आराम से कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन हर मरीज की स्थिति एक जैसी नहीं होती। यदि मरीज को तेज बुखार बना रहे, सांस लेने में कठिनाई हो, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी या तबीयत लगातार बिगड़ती दिखे, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में खास एहतियात बरतनी चाहिए।

डिहाइड्रेशन से बचें और भरपूर आराम करें

बुखार और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है, जिसे दूर करने के लिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना जरूरी है:

  • तरल पदार्थ: सादे पानी के अलावा सूप, नारियल पानी और हल्के पेय पदार्थ लें।

  • सावधानी: चाय और कॉफी को पानी का विकल्प कतई न समझें।

  • उल्टी-दस्त: यदि फ्लू के साथ उल्टी या दस्त की समस्या हो, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से घटते हैं, ऐसी स्थिति में चिकित्सीय सलाह तुरंत लें।

  • पर्याप्त नींद: शरीर संक्रमण से लड़ रहा होता है, इसलिए ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से बचें और पूरी नींद लें।

संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए खांसते-छींकते समय मुंह व नाक को ढकें, हाथों की सफाई रखें और दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें।

क्या खाएं और एंटीबायोटिक से क्यों बचें?

भूख न लगने के बावजूद लंबे समय तक भूखा रहना ठीक नहीं है। शरीर को लड़ने की ताकत देने के लिए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का भोजन जैसे खिचड़ी, दलिया, हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन के लिए दाल, अंडा, दूध, दही या पनीर को डाइट में शामिल करें।

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सबसे जरूरी बात यह है कि फ्लू एक वायरल संक्रमण है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से एंटीबायोटिक दवाएं कभी न लें। एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण में काम आती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता और इनका गलत इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

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