धनबाद। डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित गाली-गलौज और धमकी भरे व्हाट्सएप कॉल का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में नई धाराएं जोड़ी हैं।
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे जयराम महतो ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल किया था। आरोप है कि विधायक अपने समर्थक गणेश दास की गिरफ्तारी से नाराज थे। इसी दौरान उन्होंने थाना प्रभारी से कथित तौर पर गाली-गलौज की और धमकी दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधायक ने वर्दी उतरवाने और सरकार बदलने के बाद देख लेने जैसी बातें कहीं। इस घटना के बाद धनबाद पुलिस कर्मियों में नाराजगी है। पुलिस मेंस एसोसिएशन ने थाना प्रभारी के समर्थन में कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र बनाने के मामले से शुरू हुआ। इस मामले में पुलिस ने JLKM नेता गणेश दास को हिरासत में लिया था। इसके विरोध में बरवाअड्डा थाने में विधायक समर्थकों और पुलिस के बीच विवाद हुआ था।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR
मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी की शिकायत पर जयराम महतो समेत कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज है।
वहीं, मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक ने भी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, जयराम महतो ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। विधायक का कहना है कि वह हिरासत में लिए गए गणेश दास के मामले की जानकारी लेने थाने पहुंचे थे, जहां उनके साथ मारपीट की गई और सामान छीने जाने का आरोप है।
जयराम महतो ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए थाने के CCTV और मीडिया फुटेज की जांच कराने की मांग की है।




