Lakhisarai: सरकार राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में किउल-हरुहर और गंगा नदी के संगम पर बसे ऐतिहासिक लखीसराय जिले में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वावधान में भव्य संग्रहालय का निर्माण पूरा किया गया है। लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में 35.8 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह संग्रहालय पटना संग्रहालय और बिहार संग्रहालय की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस, राज्य का दूसरा सबसे बड़ा विश्वस्तरीय संग्रहालय बनकर उभरा है।
बौद्ध और पाल कालीन संस्कृति का प्रमुख केंद्र
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार, लखीसराय संग्रहालय प्राचीन भारतीय इतिहास, विशेष रूप से बौद्ध धर्म और गुप्त तथा पूर्व-मध्यकालीन संस्कृति के अध्ययन का बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। लाली पहाड़ी, नोंगरगढ़, बिछवे पहाड़ी और सिंगारपुर जैसे प्रमुख पुरातात्विक स्थलों से मिले अवशेष लखीसराय के गौरवशाली अतीत को बयां करते हैं। हाल ही में जून 2026 में शहर के संसार पोखर की खुदाई के दौरान मिली करीब दो फीट ऊंची काले पत्थर की दुर्लभ प्राचीन प्रतिमा को भी वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर इसी संग्रहालय में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
3 मंजिला भव्य इमारत में आधुनिक सुविधाएं

इस तीन मंजिला आधुनिक संग्रहालय में सुनियोजित डिस्प्ले गैलरी, अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, ऑडियो-विजुअल सुविधाएं, इनडोर और आउटडोर थिएटर तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए आकर्षक परिसर तैयार किया गया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रखी गई नींव के बाद 6 फरवरी 2025 को इसका विधिवत उद्घाटन हुआ था।
हाल ही में अगस्त 2026 में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने संग्रहालय की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए जिला प्रशासन को इसे विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ‘ब्रांड बिहार’ के तहत राज्य की विरासत को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने की मुहिम को इससे नई गति मिलेगी।
स्थानीय नागरिकों में उत्साह और गर्व

संग्रहालय के निर्माण से जिले के स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। स्थानीय नागरिक अभिनव का कहना है कि हमारे आसपास कई ऐतिहासिक स्थल थे जिनके बारे में जानकारी सीमित थी, लेकिन अब एक ही स्थान पर इतिहास सहेजने से आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों को समझ सकेंगी। वहीं स्थानीय निवासी रोहन ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताया। निवासी मोनालिसा ने कहा कि एक छोटे शहर में इतना भव्य और सुंदर संग्रहालय बनने से लखीसराय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।





