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माइका माफियाओं का खेल कितना बड़ा? छापेमारी से खुला राज

Koderma News: कोडरमा के वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में माइका का अवैध खनन एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार की देर रात हज़ारीबाग से आई विशेष टीम ने लोमचांची जंगल में छापेमारी कर एक शक्तिमान ट्रक जब्त किया, जो अवैध उत्खनन में लगा हुआ

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Koderma News: कोडरमा के वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में माइका का अवैध खनन एक बार फिर चर्चा में है। सोमवार की देर रात हज़ारीबाग से आई विशेष टीम ने लोमचांची जंगल में छापेमारी कर एक शक्तिमान ट्रक जब्त किया, जो अवैध उत्खनन में लगा हुआ बताया गया। हमेशा की तरह, चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

अवैध खनन की सूचना ने हिला दी वन विभाग की टीम

सूत्रों के मुताबिक देर रात सूचना मिली थी कि इंदरवा चितरपुर इलाके के लोमचांची जंगल में माइका माफिया बड़े स्तर पर खनन कर रहे हैं। शिकायतें लगातार मिल रही थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई सीमित रही। इस बार हज़ारीबाग के वन्य प्राणी आश्रयणी के पदाधिकारी सूरज कुमार के निर्देश पर टीम तुरंत रवाना की गई। टीम जब मौके पर पहुँची तो एक शक्तिमान ट्रक माइका लोडिंग में लगा था। जैसे ही टीम को देखकर मजदूर और चालक भागे, ट्रक को वहीं छोड़ दिया गया। ट्रक को जब्त कर कोडरमा वन विभाग कार्यालय लाया गया है।

माफियाओं की पहचान जारी, केस दर्ज की तैयारी

रेंजर ने बताया कि अवैध खनन में शामिल लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। इनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाके में कई दिनों से गतिविधियाँ बढ़ी हुई थीं और ऐसा लगता है कि संगठित तरीके से खनन हो रहा था। वन विभाग ने साफ कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही और बड़े खुलासे संभव हैं। मौके पर कोडरमा और हज़ारीबाग दोनों जगहों की टीम मौजूद रही, जिनमें वनपाल प्रभारी उस्मान अंसारी, छत्रपति शिवाजी, कुदंन कुमार, गोपाल यादव और अन्य सदस्य शामिल थे। इस कार्रवाई से इलाके में खनन माफियाओं की बेचैनी बढ़ गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लगातार कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हालात बदले नहीं जा सकते।

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