Lifestyle Adda: बच्चों से घर पर होमवर्क कराना किसी चुनौती या बड़े टास्क से कम नहीं होता है। स्कूल से लौटने के बाद बच्चों के पास पढ़ाई न करने के ढेरों बहाने होते हैं, जिससे माता-पिता अक्सर परेशान हो जाते हैं। अगर आप भी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि बच्चों को प्यार और अनुशासन के साथ कैसे पढ़ाया जाए, तो ये 5 बेहतरीन तरीके आपकी इस समस्या को चुटकियों में हल कर सकते हैं:
1. बच्चों को प्रेरित करें, फरमाइशें टालें नहीं
अक्सर माता-पिता बच्चों को होमवर्क पूरा करने के एवज में लालच देते हैं या बड़े वादे कर देते हैं, जिन्हें बाद में पूरा नहीं किया जाता। इससे बच्चे का आप पर से भरोसा उठने लगता है। इसके बजाय:
– बच्चों को स्वाभाविक रूप से प्रोत्साहित करें।
– हमेशा अपनी सुविधा या समय का ही ख्याल न रखें, बल्कि बच्चे के मूड और मानसिक स्थिति को भी समझें।
– उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं ताकि वे सहज महसूस कर सकें।
2. होमवर्क की अहमियत समझाएं
कई बार अभिभावक खुद ही बच्चे का सारा होमवर्क पूरा कर देते हैं, जो कि गलत है।
– बच्चे को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराएं ताकि वह धीरे-धीरे खुद समय पर काम करने की आदत डाले।
– पाठ्यक्रम (Syllabus) से हटकर कुछ ऐसी रोचक किताबें और कॉमिक्स उनके लिए लाएं जो उन्हें पढ़ने में अच्छी लगें।
– खेल-खेल में पढ़ाई करवाने का प्रयास करें ताकि बोरियत महसूस न हो।
3. प्रतिदिन अभ्यास (Daily Routine) का नियम बनाएं
– बच्चों की पढ़ाई का एक निश्चित समय तय करें और उन्हें उस वक्त पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
– चाहे स्कूल से होमवर्क मिला हो या नहीं, उनके रूटीन को टूटने न दें। लिखने (Writing Practice) का अभ्यास रोजाना करवाएं।
– महत्वपूर्ण बात: जब बच्चा पढ़ रहा हो, तो उसके पास बैठें। ऐसा न करें कि उसे काम देकर आप खुद रसोईघर के कामों में व्यस्त हो जाएं या फोन पर लंबी बातें करने लगें।
4. पढ़ाई को बनाएं रोचक और विजुअल
किताबी ज्ञान के अलावा बच्चों को व्यावहारिक रूप से चीजों को समझाएं।
– उदाहरण के लिए, यदि आप बच्चे को ‘बटरफ्लाई की लाइफ साइकिल’ (तितली का जीवन चक्र) पढ़ा रहे हैं, तो केवल किताब पर निर्भर न रहें।
– इंटरनेट या यूट्यूब के माध्यम से उससे जुड़े रोचक वीडियो दिखाएं, सुंदर चार्ट बनाएं या रंग-बिरंगी जानकारियां जुटाएं ताकि उनकी उत्सुकता बढ़े।
5. एक निश्चित रूटीन बनाएं, कभी दबाव न डालें
होमवर्क को लेकर बच्चों पर कभी भी अत्यधिक दबाव न बनाएं। जब आप बच्चों को डराते हैं या डांटते हैं, तो उनके मन में पढ़ाई का डर बैठ जाता है और वे किताबों से दूर भागने लगते हैं।
– पढ़ने का एक खुशनुमा माहौल और समय तय करें, और उस समय खुद को भी पूरी तरह फ्री रखें ताकि बच्चा मानसिक रूप से तनावमुक्त होकर सीख सके।





