रांची: राजधानी के खादगढ़ा-कांटाटोली स्थित बिरसा मुंडा बस टर्मिनल की बंदोबस्ती (लीज/टेंडर) को लेकर उठ रहे सवालों और भ्रम की स्थितियों पर रांची नगर निगम ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति साफ की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि बस टर्मिनल की बंदोबस्ती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया नियमों और प्रशासनिक निर्देशों के तहत ही पूरी की गई है।
7 अगस्त की प्रक्रिया रद्द होने का दिया हवाला
नगर निगम के अनुसार, MSTC के माध्यम से 7 अगस्त 2026 को ऑनलाइन नीलामी तय की गई थी। हालांकि, उसी दिन दोपहर लगभग 1 बजे प्रशासनिक कारणों से इसे संचालित न करने और रद्द करने का फैसला ले लिया गया था। MSTC को इसकी जानकारी दे दी गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से पोर्टल पर ऑक्शन की स्क्रीन कुछ समय तक लाइव दिखती रही और प्रतिभागियों द्वारा दरें दर्ज की जाती रहीं।
निगम ने साफ किया कि MSTC पोर्टल के नियमानुसार एक बार ऑक्शन लाइव होने के बाद प्रक्रिया पूरी होने पर ही निरस्त करने का विकल्प आता है। चूंकि रद्द करने का निर्णय पहले ही हो चुका था, इसलिए उस दौरान आई बोलियों का कोई मूल्यांकन नहीं किया गया और न ही उसे कोई वैध परिणाम माना जा सकता है।
1 सितंबर को हुई नए सिरे से नीलामी
प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगम के निर्देश पर 18 अगस्त को नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए गए और 1 सितंबर 2026 को फ्रेश ऑनलाइन ऑक्शन आयोजित हुआ। इस नई प्रक्रिया में सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिला।
निगम का कहना है कि 1 सितंबर को संपन्न फ्रेश ऑक्शन के संबंध में अभी तक किसी भी प्रतिभागी की ओर से कोई आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल एमएसटीसी से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। निगम ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में यदि कोई शिकायत आती है, तो अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार जांच की जाएगी।





