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झारखंड में जम गई जिंदगी! मैकलुस्कीगंज 0.9°C पर पहुंचा, टूटे कई रिकॉर्ड

Ranchi News: झारखंड इन दिनों बर्फीली हवाओं और हाड़ कंपाने वाली ठंड की भीषण चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में कुदरत का ऐसा सितम दिख रहा है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे चौंकाने वाली खबर रांची के पास स्थित

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Ranchi News: झारखंड इन दिनों बर्फीली हवाओं और हाड़ कंपाने वाली ठंड की भीषण चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में कुदरत का ऐसा सितम दिख रहा है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे चौंकाने वाली खबर रांची के पास स्थित ‘मिनी लंदन’ कहे जाने वाले मैकलुस्कीगंज से आई है, जहां रविवार सुबह तापमान गिरकर 0.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीते दो दशकों में यह पहली बार है जब यहां पारा 1 डिग्री के नीचे लुढ़का है। कड़ाके की इस ठंड ने न केवल इंसानों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, बल्कि बेजुबान जानवरों के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।

कांके और कोल्हान में भी शून्य के करीब पहुंचा पारा

राजधानी रांची से सटे कांके इलाके में भी ठंड का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोल्हान प्रमंडल और आसपास के जिलों जैसे रामगढ़, हजारीबाग और खूंटी में भी शीतलहर का व्यापक असर है। आलम यह है कि सुबह घास के मैदानों और गाड़ियों की छतों पर ओस की बूंदें बर्फ की हल्की चादर जैसी नजर आ रही हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों पलामू, गढ़वा और लातेहार में ठंडी हवाओं के कारण गलन इतनी अधिक है कि दिन की धूप भी बेअसर साबित हो रही है।

हवाई सेवाओं पर कोहरे की मार, 13 उड़ानें रद्द

ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने के कारण पिछले 24 घंटों में 13 महत्वपूर्ण उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर रात काट रहे हैं, जबकि प्रशासन से जगह-जगह कंबल वितरण और रैन बसेरों की व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की जा रही है।

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मौसम विभाग की चेतावनी: फिलहाल राहत नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक झारखंड वासियों को इस ठिठुरन से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहेगा। शुष्क मौसम और ऊपर से गिरती बर्फ जैसी ओस ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस भीषण शीतलहर में खासकर बुजुर्ग और बच्चे घर के अंदर ही रहें और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। फिलहाल, पूरे झारखंड में सर्दी का ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति बनी हुई है।

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